Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jul 2016 · 1 min read

खुश्बू जानी-पहचानी थी

मुद्दतों बाद वो दिखे मुझे,
पर अपनों की निगरानी थी,
खुश्बू जानी-पहचानी थी।

एक दिवस मैं गया था,
लेने कुछ सामान,
कोई बगल से गुजरा,
जिसकी खुश्बू थी आसान।
आगोश किसी का याद आया,
मन में अन्तर्नाद हुआ,
पीछे मुड़कर देखा तो,
थे अपने नाफ़र्मान।।

दिल में था प्रेमभाव और
कदमों की नातवानी थी।
खुश्बू जानी-पहचानी थी।

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 2 Comments · 248 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अमरेश गौतम'अयुज'
View all
You may also like:
:: English :::
:: English :::
Mr.Aksharjeet
शातिरपने की गुत्थियां
शातिरपने की गुत्थियां
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मातर मड़ई भाई दूज
मातर मड़ई भाई दूज
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
*अहंकार *
*अहंकार *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आसमां में चांद अकेला है सितारों के बीच
आसमां में चांद अकेला है सितारों के बीच
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
बापू
बापू
Dr. Girish Chandra Agarwal
द कुम्भकार
द कुम्भकार
Satish Srijan
तुम्हीं तुम हो.......!
तुम्हीं तुम हो.......!
Awadhesh Kumar Singh
महान् बनना सरल है
महान् बनना सरल है
प्रेमदास वसु सुरेखा
शीर्षक – वह दूब सी
शीर्षक – वह दूब सी
Manju sagar
*हुई हम से खता,फ़ांसी नहीं*
*हुई हम से खता,फ़ांसी नहीं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
आईने में अगर
आईने में अगर
Dr fauzia Naseem shad
सब्र की मत छोड़ना पतवार।
सब्र की मत छोड़ना पतवार।
Anil Mishra Prahari
रास्ते पर कांटे बिछे हो चाहे, अपनी मंजिल का पता हम जानते है।
रास्ते पर कांटे बिछे हो चाहे, अपनी मंजिल का पता हम जानते है।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
आँखों की बरसात
आँखों की बरसात
Dr. Sunita Singh
वापस आना वीर
वापस आना वीर
लक्ष्मी सिंह
ये रंगा रंग ये कोतुहल                           विक्रम कु० स
ये रंगा रंग ये कोतुहल विक्रम कु० स
Vikram soni
पुरुष_विशेष
पुरुष_विशेष
पूर्वार्थ
प्रेम गीत पर नृत्य करें सब
प्रेम गीत पर नृत्य करें सब
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नया युग
नया युग
Anil chobisa
मायने रखता है
मायने रखता है
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
■ नैसर्गिक न्याय
■ नैसर्गिक न्याय
*Author प्रणय प्रभात*
2464.पूर्णिका
2464.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
ईश्वर का घर
ईश्वर का घर
Dr MusafiR BaithA
आइसक्रीम के बहाने
आइसक्रीम के बहाने
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Maine apne samaj me aurto ko tutate dekha hai,
Maine apne samaj me aurto ko tutate dekha hai,
Sakshi Tripathi
*धन को चाहें निम्न जन ,उच्च लोग सम्मान ( कुंडलिया )*
*धन को चाहें निम्न जन ,उच्च लोग सम्मान ( कुंडलिया )*
Ravi Prakash
नेता जी शोध लेख
नेता जी शोध लेख
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
युग बीते और आज भी ,
युग बीते और आज भी ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
*सच्चे  गोंड और शुभचिंतक लोग...*
*सच्चे गोंड और शुभचिंतक लोग...*
नेताम आर सी
Loading...