Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 May 2024 · 1 min read

ख़ुदा करे ये क़यामत के दिन भी बड़े देर से गुजारे जाएं,

ख़ुदा करे ये क़यामत के दिन भी बड़े देर से गुजारे जाएं,
वो कलंदर भी तेरी कमसिन अदाओं के फन से वाक़िफ़ हो जाए

28 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अधूरा प्रयास
अधूरा प्रयास
Sûrëkhâ
स्त्रीलिंग...एक ख़ूबसूरत एहसास
स्त्रीलिंग...एक ख़ूबसूरत एहसास
Mamta Singh Devaa
प्रेम नि: शुल्क होते हुए भी
प्रेम नि: शुल्क होते हुए भी
प्रेमदास वसु सुरेखा
मुझे इंतजार है , इंतजार खत्म होने का
मुझे इंतजार है , इंतजार खत्म होने का
Karuna Goswami
कोई दर ना हीं ठिकाना होगा
कोई दर ना हीं ठिकाना होगा
Shweta Soni
परिभाषाएं अनगिनत,
परिभाषाएं अनगिनत,
महेश चन्द्र त्रिपाठी
नेम प्रेम का कर ले बंधु
नेम प्रेम का कर ले बंधु
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
#कटाक्ष
#कटाक्ष
*प्रणय प्रभात*
मुहब्बत से दामन , तेरा  भर  रही है ,
मुहब्बत से दामन , तेरा भर रही है ,
Neelofar Khan
मैं ना जाने क्या कर रहा...!
मैं ना जाने क्या कर रहा...!
भवेश
....नया मोड़
....नया मोड़
Naushaba Suriya
फितरत
फितरत
Mukesh Kumar Sonkar
राजकुमारी
राजकुमारी
Johnny Ahmed 'क़ैस'
शहनाई की सिसकियां
शहनाई की सिसकियां
Shekhar Chandra Mitra
कथ्य-शिल्प में धार रख, शब्द-शब्द में मार।
कथ्य-शिल्प में धार रख, शब्द-शब्द में मार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
विभजन
विभजन
Bodhisatva kastooriya
"सृजन"
Dr. Kishan tandon kranti
कफन
कफन
Kanchan Khanna
सत्य
सत्य
लक्ष्मी सिंह
2933.*पूर्णिका*
2933.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जबरदस्त विचार~
जबरदस्त विचार~
दिनेश एल० "जैहिंद"
यह कैसा आया ज़माना !!( हास्य व्यंग्य गीत गजल)
यह कैसा आया ज़माना !!( हास्य व्यंग्य गीत गजल)
ओनिका सेतिया 'अनु '
यह बात शायद हमें उतनी भी नहीं चौंकाती,
यह बात शायद हमें उतनी भी नहीं चौंकाती,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
प्रेरणा गीत (सूरज सा होना मुश्किल पर......)
प्रेरणा गीत (सूरज सा होना मुश्किल पर......)
अनिल कुमार निश्छल
नवाब इफ्तिखार अली खान पटौदी
नवाब इफ्तिखार अली खान पटौदी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
Jindagi Ke falsafe
Jindagi Ke falsafe
Dr Mukesh 'Aseemit'
कौन कहता है छोटी चीजों का महत्व नहीं होता है।
कौन कहता है छोटी चीजों का महत्व नहीं होता है।
Yogendra Chaturwedi
सिसकियाँ जो स्याह कमरों को रुलाती हैं
सिसकियाँ जो स्याह कमरों को रुलाती हैं
Manisha Manjari
बस मुझे महसूस करे
बस मुझे महसूस करे
Pratibha Pandey
Loading...