Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Mar 2024 · 1 min read

क्राई फॉर लव

ऐ ज़िंदगी, हर हाल में
तेरा क़र्ज़ उतरना है मुझे
तेरी कृपा की बोझ से
ख़ुद को उबारना है मुझे…
(१)
चाहे तू सुने या नहीं
मेरे उम्र भर के रियाज़ को
लेकिन हर एक मोड़ पे
एक बार पुकारना है मुझे…
(२)
कितने दिलकश लगते हैं
मेंहदी वाले हाथ तेरे
अपने दिल के ख़ून से
तेरा रंग उभारना है मुझे…
(३)
हुस्न के इस शाहकार में
कोई कसर न रह जाए
अपना वजूद खोकर भी
तेरा अक्स संवारना है मुझे…
(४)
मुझको ठेस लगाते हुए
जब डगमगाएं पैर तेरे
तब तुझे आगे बढ़कर
बांहों में संभालना है मुझे…
(५)
नाहक तू मेरे कारण
महफ़िल में क्यों बदनाम हो
चुपचाप तेरी दुनिया से
ख़ुद को निकालना है मुझे…
#geetkar
शेखर चंद्र मित्रा
#CryForLove #MyDreamOfLove
#dreamgirl #romanticsong #दर्द
#love #sad #रोमांटिक #प्रेमी #इश्क
#स्वप्न_सुंदरी #शायर_का_ख्वाब #कवि
#एक_पागल_की_डायरी #वादा #कसम

Language: Hindi
Tag: गीत
46 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*जिंदगी के  हाथो वफ़ा मजबूर हुई*
*जिंदगी के हाथो वफ़ा मजबूर हुई*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
सच्चाई है कि ऐसे भी मंज़र मिले मुझे
सच्चाई है कि ऐसे भी मंज़र मिले मुझे
अंसार एटवी
दीपावली
दीपावली
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
ये पल आएंगे
ये पल आएंगे
Srishty Bansal
समस्याओं के स्थान पर समाधान पर अधिक चिंतन होना चाहिए,क्योंकि
समस्याओं के स्थान पर समाधान पर अधिक चिंतन होना चाहिए,क्योंकि
Deepesh purohit
''आशा' के मुक्तक
''आशा' के मुक्तक"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
ज़रूरी ना समझा
ज़रूरी ना समझा
Madhuyanka Raj
🙅ओनली पूछिंग🙅
🙅ओनली पूछिंग🙅
*Author प्रणय प्रभात*
*कुछ कहा न जाए*
*कुछ कहा न जाए*
Shashi kala vyas
गंदे-मैले वस्त्र से, मानव करता शर्म
गंदे-मैले वस्त्र से, मानव करता शर्म
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चेहरा
चेहरा
नन्दलाल सुथार "राही"
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
$úDhÁ MãÚ₹Yá
जिंदगी में.....
जिंदगी में.....
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
स्क्रीनशॉट बटन
स्क्रीनशॉट बटन
Karuna Goswami
हसरतों की भी एक उम्र होनी चाहिए।
हसरतों की भी एक उम्र होनी चाहिए।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
ज़ुल्फो उड़ी तो काली घटा कह दिया हमने।
ज़ुल्फो उड़ी तो काली घटा कह दिया हमने।
Phool gufran
ముందుకు సాగిపో..
ముందుకు సాగిపో..
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
सच
सच
Neeraj Agarwal
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
डॉ.सीमा अग्रवाल
डॉ अरुण कुमार शास्त्री – एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त
डॉ अरुण कुमार शास्त्री – एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त
DR ARUN KUMAR SHASTRI
छुट्टी का इतवार( बाल कविता )
छुट्टी का इतवार( बाल कविता )
Ravi Prakash
*पुस्तक*
*पुस्तक*
Dr. Priya Gupta
जैसे ये घर महकाया है वैसे वो आँगन महकाना
जैसे ये घर महकाया है वैसे वो आँगन महकाना
Dr Archana Gupta
नई रीत विदाई की
नई रीत विदाई की
विजय कुमार अग्रवाल
मेरी खुशी वह लौटा दो मुझको
मेरी खुशी वह लौटा दो मुझको
gurudeenverma198
बेख़बर
बेख़बर
Shyam Sundar Subramanian
रक्षाबंधन का त्योहार
रक्षाबंधन का त्योहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मौत
मौत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
भस्मासुर
भस्मासुर
आनन्द मिश्र
"उम्मीदों की जुबानी"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...