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4 Dec 2022 · 1 min read

कैसे कह दूँ

कैसे कह दूँ कमी नहीं खलती ।
ज़िन्दगी – ज़िंदगी नहीं लगती ।।
ज़ोर चलता अगर मुकद्दर पे ।
बेबसी हाथ यूँ नहीं मलती ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
13 Likes · 146 Views
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