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16 Jul 2023 · 1 min read

कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,

कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,
कहीं तो जी भर के भिगोया,
तो कहीं कुछ बूंदों को ही काफी बताया।

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