Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 26, 2016 · 1 min read

कुंडलियां छन्द

कारे बदरा छा गये, छम छम बरसे बूँद
राधा देखे श्याम को , अपनी आँखे मूँद
अपनी आँखे मूँद , भरे वह ठंडी आहें
कलियाँ बनती फूल , सजी हैं मन की राहें
देखा रूप अनूप , निहारे मोहन प्यारे
गये ह्रदय में डूब , गरजते बदरा कारे

पुष्प लता शर्मा

3 Likes · 3 Comments · 316 Views
You may also like:
लाल में तुम ग़ुलाब लगती हो
D.k Math
पिता, इन्टरनेट युग में
Shaily
पल
sangeeta beniwal
सहारा हो तो पक्का हो किसी को।
सत्य कुमार प्रेमी
सिंधु का विस्तार देखो
surenderpal vaidya
* प्रेमी की वेदना *
Dr. Alpa H. Amin
Born again with love...
Abhineet Mittal
" मां" बच्चों की भाग्य विधाता
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
नोटबंदी ने खुश कर दिया
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
हे पिता,करूँ मैं तेरा वंदन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गम देके।
Taj Mohammad
यादें
Sidhant Sharma
अल्फाज़ ए ताज भाग-2
Taj Mohammad
✍️बेवफ़ा मोहब्बत✍️
"अशांत" शेखर
काव्य संग्रह
AJAY PRASAD
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा
श्री रमण
अक्षय तृतीया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
💐सुरक्षा चक्र💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फास्ट फूड
Utsav Kumar Aarya
Colourful Balloons
Buddha Prakash
प्रेम की साधना
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
" सूरजमल "
Dr Meenu Poonia
आंधी में दीया
Shekhar Chandra Mitra
सतुआन
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
Ye Sochte Huye Chalna Pad Raha Hai Dagar Main
Muhammad Asif Ali
दादी मां की बहुत याद आई
VINOD KUMAR CHAUHAN
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
अर्धनारीश्वर की अवधारणा...?
मनोज कर्ण
आज अपने ही घर से बेघर हो रहे है।
Taj Mohammad
न और ना प्रयोग और अंतर
Subhash Singhai
Loading...