Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jul 2023 · 1 min read

किस दौड़ का हिस्सा बनाना चाहते हो।

किस दौड़ का हिस्सा बनाना चाहते हो।
किस अजनबी राह का किस्सा बनाना चाहते हो।।
चला हूं जिंदगीभर पांव जमीं पर रखकर।
खामखां घुड़दौड़ का हिस्सा बनाना चाहते हो।।

1 Like · 239 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सांच कह्यां सुख होयस्यी,सांच समद को सीप।
सांच कह्यां सुख होयस्यी,सांच समद को सीप।
विमला महरिया मौज
धरा की प्यास पर कुंडलियां
धरा की प्यास पर कुंडलियां
Ram Krishan Rastogi
टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना...
टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना...
Jyoti Khari
बखान सका है कौन
बखान सका है कौन
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
निकल गया सो निकल गया
निकल गया सो निकल गया
TARAN VERMA
चल विजय पथ
चल विजय पथ
Satish Srijan
``बचपन```*
``बचपन```*
Naushaba Suriya
अर्थव्यवस्था और देश की हालात
अर्थव्यवस्था और देश की हालात
Mahender Singh
'मजदूर'
'मजदूर'
Godambari Negi
मेरी बेटी है, मेरा वारिस।
मेरी बेटी है, मेरा वारिस।
लक्ष्मी सिंह
मन की पीड़ा क
मन की पीड़ा क
Neeraj Agarwal
.........?
.........?
शेखर सिंह
🥀 *अज्ञानी की✍*🥀
🥀 *अज्ञानी की✍*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
तेवरीः शिल्प-गत विशेषताएं +रमेशराज
तेवरीः शिल्प-गत विशेषताएं +रमेशराज
कवि रमेशराज
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महायुद्ध में यूँ पड़ी,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
दिवाली त्योहार का महत्व
दिवाली त्योहार का महत्व
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
लला गृह की ओर चले, आयी सुहानी भोर।
लला गृह की ओर चले, आयी सुहानी भोर।
डॉ.सीमा अग्रवाल
किसको फुर्सत है रखी, किसको रोता कौन (हास्य कुंडलिया)
किसको फुर्सत है रखी, किसको रोता कौन (हास्य कुंडलिया)
Ravi Prakash
गलतियां सुधारी जा सकती है,
गलतियां सुधारी जा सकती है,
Tarun Singh Pawar
कुछ चंद लोंगो ने कहा है कि
कुछ चंद लोंगो ने कहा है कि
सुनील कुमार
याद रखते अगर दुआओ में
याद रखते अगर दुआओ में
Dr fauzia Naseem shad
भुक्त - भोगी
भुक्त - भोगी
Ramswaroop Dinkar
ख़ास विपरीत परिस्थिति में सखा
ख़ास विपरीत परिस्थिति में सखा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मेरे दिल मे रहा जुबान पर आया नहीं....,
मेरे दिल मे रहा जुबान पर आया नहीं....,
कवि दीपक बवेजा
💐प्रेम कौतुक-445💐
💐प्रेम कौतुक-445💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भावात्मक
भावात्मक
Surya Barman
अपात्रता और कार्तव्यहीनता ही मनुष्य को धार्मिक बनाती है।
अपात्रता और कार्तव्यहीनता ही मनुष्य को धार्मिक बनाती है।
Dr MusafiR BaithA
2573.पूर्णिका
2573.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Sometimes words are not as desperate as feelings.
Sometimes words are not as desperate as feelings.
Sakshi Tripathi
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
Ranjeet kumar patre
Loading...