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2 Aug 2023 · 1 min read

किस्मत की टुकड़ियाँ रुकीं थीं जिस रस्ते पर

किस्मत की टुकड़ियाँ रुकीं थीं जिस रस्ते पर
जाना उसी से था मगर वक़्त ने यूँ – टर्न ले लिया
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

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