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18 Jun 2023 · 1 min read

कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।

कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।
पिता जीवन की धूप में दरख़्त होते हैं ।
नीलम शर्मा ✍️

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