Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Dec 2023 · 1 min read

कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के

कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
आकस्मिक आक्रमण पर दुखी होना,
तो कभी नारी जाति की दुर्गति पर ,
उनपर हो रहे अत्याचारों पर शर्मसार होना.
बेचारे भारत देश की किस्मत में लिखा
है रह रह अपना दामन आंसुओं से भिगोना ।

226 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from ओनिका सेतिया 'अनु '
View all
You may also like:
माँ ही हैं संसार
माँ ही हैं संसार
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
💐प्रेम कौतुक-446💐
💐प्रेम कौतुक-446💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हास्य व्यंग्य
हास्य व्यंग्य
प्रीतम श्रावस्तवी
जो भी कहा है उसने.......
जो भी कहा है उसने.......
कवि दीपक बवेजा
कट रही हैं दिन तेरे बिन
कट रही हैं दिन तेरे बिन
Shakil Alam
दुआ के हाथ
दुआ के हाथ
Shekhar Chandra Mitra
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
Surinder blackpen
दुःख, दर्द, द्वन्द्व, अपमान, अश्रु
दुःख, दर्द, द्वन्द्व, अपमान, अश्रु
Shweta Soni
*दादाजी (बाल कविता)*
*दादाजी (बाल कविता)*
Ravi Prakash
कट गई शाखें, कट गए पेड़
कट गई शाखें, कट गए पेड़
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
पूरा जब वनवास हुआ तब, राम अयोध्या वापस आये
पूरा जब वनवास हुआ तब, राम अयोध्या वापस आये
Dr Archana Gupta
यादें....!!!!!
यादें....!!!!!
Jyoti Khari
बाल कविता : बादल
बाल कविता : बादल
Rajesh Kumar Arjun
पिता के पदचिह्न (कविता)
पिता के पदचिह्न (कविता)
दुष्यन्त 'बाबा'
ज़िंदगी इतनी मुश्किल भी नहीं
ज़िंदगी इतनी मुश्किल भी नहीं
Dheerja Sharma
अंतिम पड़ाव
अंतिम पड़ाव
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
??????...
??????...
शेखर सिंह
" मुझे सहने दो "
Aarti sirsat
अपने तो अपने होते हैं
अपने तो अपने होते हैं
Harminder Kaur
कमबख़्त इश़्क
कमबख़्त इश़्क
Shyam Sundar Subramanian
सताती दूरियाँ बिलकुल नहीं उल्फ़त हृदय से हो
सताती दूरियाँ बिलकुल नहीं उल्फ़त हृदय से हो
आर.एस. 'प्रीतम'
"वाह नारी तेरी जात"
Dr. Kishan tandon kranti
#जीवन एक संघर्ष।
#जीवन एक संघर्ष।
*Author प्रणय प्रभात*
कविता
कविता
Rambali Mishra
"कैसे सबको खाऊँ"
लक्ष्मीकान्त शर्मा 'रुद्र'
हां....वो बदल गया
हां....वो बदल गया
Neeraj Agarwal
कभी जो रास्ते तलाशते थे घर की तरफ आने को, अब वही राहें घर से
कभी जो रास्ते तलाशते थे घर की तरफ आने को, अब वही राहें घर से
Manisha Manjari
2396.पूर्णिका
2396.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Ab maine likhna band kar diya h,
Ab maine likhna band kar diya h,
Sakshi Tripathi
-- नसीहत --
-- नसीहत --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
Loading...