Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jun 2023 · 1 min read

कभी न खत्म होने वाला यह समय

कभी न खत्म होने वाला यह समय
हम समय को ही अपना गुलाम बना लेते हैं
और हम शहंशाह बन जाते हैं
हम ही सृष्टि के कर्ता है और हम ही सृष्टि के निर्माता है
यही आज के बने हुए बहरूपिया का सबसे बड़ा लक्षण है

सद्कवि प्रेमदास वसु सुरेखा

383 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
गुप्तरत्न
बचपन
बचपन
नन्दलाल सुथार "राही"
आलस्य एक ऐसी सर्द हवा जो व्यक्ति के जीवन को कुछ पल के लिए रा
आलस्य एक ऐसी सर्द हवा जो व्यक्ति के जीवन को कुछ पल के लिए रा
Rj Anand Prajapati
गुरु की पूछो ना जात!
गुरु की पूछो ना जात!
जय लगन कुमार हैप्पी
ग़र हो इजाजत
ग़र हो इजाजत
हिमांशु Kulshrestha
जिन्दगी के हर सफे को ...
जिन्दगी के हर सफे को ...
Bodhisatva kastooriya
बुंदेली दोहा -गुनताडौ
बुंदेली दोहा -गुनताडौ
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
रात के अंधेरे के निकलते ही मशहूर हो जाऊंगा मैं,
रात के अंधेरे के निकलते ही मशहूर हो जाऊंगा मैं,
कवि दीपक बवेजा
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
Anil chobisa
तेरे लिखे में आग लगे / MUSAFIR BAITHA
तेरे लिखे में आग लगे / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
श्याम सिंह बिष्ट
मन की बातें , दिल क्यों सुनता
मन की बातें , दिल क्यों सुनता
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
After becoming a friend, if you do not even talk or write tw
After becoming a friend, if you do not even talk or write tw
DrLakshman Jha Parimal
सब चाहतें हैं तुम्हे...
सब चाहतें हैं तुम्हे...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
*शादी की जो आयु थी, अब पढ़ने की आयु (कुंडलिया)*
*शादी की जो आयु थी, अब पढ़ने की आयु (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आप और हम जीवन के सच................एक सोच
आप और हम जीवन के सच................एक सोच
Neeraj Agarwal
जीवन की सुरुआत और जीवन का अंत
जीवन की सुरुआत और जीवन का अंत
Rituraj shivem verma
माली अकेला क्या करे ?,
माली अकेला क्या करे ?,
ओनिका सेतिया 'अनु '
सृजन पथ पर
सृजन पथ पर
Dr. Meenakshi Sharma
कौन ?
कौन ?
साहिल
#दोहा
#दोहा
*Author प्रणय प्रभात*
हिन्दी पर नाज है !
हिन्दी पर नाज है !
Om Prakash Nautiyal
"इंसान हो इंसान"
Dr. Kishan tandon kranti
क्या यही प्यार है
क्या यही प्यार है
gurudeenverma198
फितरती फलसफा
फितरती फलसफा
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
आश पराई छोड़ दो,
आश पराई छोड़ दो,
Satish Srijan
गिरते-गिरते गिर गया, जग में यूँ इंसान ।
गिरते-गिरते गिर गया, जग में यूँ इंसान ।
Arvind trivedi
अधूरी दास्तान
अधूरी दास्तान
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
میرے اس دل میں ۔
میرے اس دل میں ۔
Dr fauzia Naseem shad
Loading...