Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Feb 2023 · 1 min read

*** ” कभी-कभी…! ” ***

* ” कभी-कभी सोचा करती हूँ मैं…
तेरा-मेरा साथ कब तक है , पता नहीं..!
हम में विकास की नशा इतनी प्रबल है…
कब कम होगा , कुछ पता नहीं..!!
यदि तुम न हो…
हरियाली कौन लायेगा…?
शीतल समीर…
कब अंतर-आकूल मन हर्षायेगा…?
यदि तुम न हो…
हमें स्वच्छ सांस कौन दिलायेगा..?
गर्म-तप्त हवाओं से…
राहगीर को कौन बचायेगा…?
ऑक्सीजन का सिलेंडर लिये…
कब तक जीवन-पथ तय कर पायेगा…?
कभी-कभी सोचा करती हूँ मैं…
तेरा-मेरा साथ कब तक है , कुछ पता नहीं..!
कुल्हाड़ी लिये हाथों में , मानव की…
जज़्बात की इरादा , कुछ पता नहीं…!
यदि तुम न हो…
बरखा रानी कब आएगी ,
कुछ अनुमान नहीं है..!
कोयल कुहूकेगी…
या मोर नाचेगी.. , कुछ पता नहीं..;
उपवन-कानन में , कुछ फूल खिलेंगे..
या भौंरे गुनगुनायेंगे , कुछ पता नहीं..!
मेरी मुस्कुराहट की..
या खिलखिलाहट की दौर..;
कब तक है , कुछ अंदाज़ा नहीं…!!
तुम से कब तक लिपटी रहूँ मैं…
मेरी कानों में , कुछ आहट नहीं..!
चूंकि… विकास से हम…
पलायन वेग की गति भी लांघ चुके हैं..!
चूंकि… विकास से हम…
पलायन वेग की गति भी लांघ चुके हैं..! ”

***************∆∆∆*************

* बी पी पटेल *
बिलासपुर ( छ. ग. )
२४ / ०२ / २०२३

Language: Hindi
331 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VEDANTA PATEL
View all
You may also like:
धर्म बनाम धर्मान्ध
धर्म बनाम धर्मान्ध
Ramswaroop Dinkar
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
तुम बदल जाओगी।
तुम बदल जाओगी।
Rj Anand Prajapati
अगनित अभिलाषा
अगनित अभिलाषा
Dr. Meenakshi Sharma
बस यूं बहक जाते हैं तुझे हर-सम्त देखकर,
बस यूं बहक जाते हैं तुझे हर-सम्त देखकर,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
।।अथ श्री सत्यनारायण कथा चतुर्थ अध्याय।।
।।अथ श्री सत्यनारायण कथा चतुर्थ अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
2831. *पूर्णिका*
2831. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ: दैनिक रिपोर्ट*
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ: दैनिक रिपोर्ट*
Ravi Prakash
कविता ....
कविता ....
sushil sarna
विकास
विकास
Dr. Pradeep Kumar Sharma
पश्चाताप
पश्चाताप
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"नजीर"
Dr. Kishan tandon kranti
होली आने वाली है
होली आने वाली है
नेताम आर सी
मतदान
मतदान
Anil chobisa
होती नहीं अराधना, सोए सोए यार।
होती नहीं अराधना, सोए सोए यार।
Manoj Mahato
गीतिका छंद
गीतिका छंद
Seema Garg
*मायूस चेहरा*
*मायूस चेहरा*
Harminder Kaur
अतीत
अतीत
Neeraj Agarwal
ये नज़रें
ये नज़रें
Shyam Sundar Subramanian
हम पर एहसान
हम पर एहसान
Dr fauzia Naseem shad
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
Shashi kala vyas
पिता
पिता
Harendra Kumar
मेरी माटी मेरा देश
मेरी माटी मेरा देश
Dr Archana Gupta
अब तो आई शरण तिहारी
अब तो आई शरण तिहारी
Dr. Upasana Pandey
कुदरत
कुदरत
manisha
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
कवि रमेशराज
प्यार की बात है कैसे कहूं तुम्हें
प्यार की बात है कैसे कहूं तुम्हें
इंजी. संजय श्रीवास्तव
■ चिंतन का निष्कर्ष
■ चिंतन का निष्कर्ष
*प्रणय प्रभात*
ये ढलती शाम है जो, रुमानी और होगी।
ये ढलती शाम है जो, रुमानी और होगी।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...