Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jan 2024 · 1 min read

एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी: राकेश देवडे़ बिरसावादी

मेरी बेटी ”

आदर्शिनी देवडे़ के लिए चंद पंक्तियां”
…………….
“परियों का रूप है बेटी,
पावन सी धूप है बेटी,
एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी
हर ताप को जिसने सोखा है, वह है बेटी”
भोर का उजेरा है बेटी,
चिड़ियों का बसेरा है बेटी
पंछी की चहचहाट है बेटी
होठों की मुस्कुराहट है बेटी
चंदा की चांदनी है बेटी
सूरज की रोशनी है बेटी।
:राकेश देवडे़ बिरसावादी
……………………….

Language: Hindi
106 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
एक मां ने परिवार बनाया
एक मां ने परिवार बनाया
Harminder Kaur
ठहर गया
ठहर गया
sushil sarna
Maine jab ijajat di
Maine jab ijajat di
Sakshi Tripathi
दुखांत जीवन की कहानी में सुखांत तलाशना बेमानी है
दुखांत जीवन की कहानी में सुखांत तलाशना बेमानी है
Guru Mishra
शब्द✍️ नहीं हैं अनकहे😷
शब्द✍️ नहीं हैं अनकहे😷
डॉ० रोहित कौशिक
दोहे- चार क़दम
दोहे- चार क़दम
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जिसके मन तृष्णा रहे, उपजे दुख सन्ताप।
जिसके मन तृष्णा रहे, उपजे दुख सन्ताप।
अभिनव अदम्य
पीड़ादायक होता है
पीड़ादायक होता है
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
तेरी ख़ामोशी
तेरी ख़ामोशी
Anju ( Ojhal )
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
Rajesh vyas
कविका मान
कविका मान
Dr. Sunita Singh
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
3140.*पूर्णिका*
3140.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जो कहना है खुल के कह दे....
जो कहना है खुल के कह दे....
Shubham Pandey (S P)
बहुत ख्वाब देखता हूँ मैं
बहुत ख्वाब देखता हूँ मैं
gurudeenverma198
आज
आज
Shyam Sundar Subramanian
रूपसी
रूपसी
Prakash Chandra
वस हम पर
वस हम पर
Dr fauzia Naseem shad
फिर से अरमान कोई क़त्ल हुआ है मेरा
फिर से अरमान कोई क़त्ल हुआ है मेरा
Anis Shah
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
देश और जनता~
देश और जनता~
दिनेश एल० "जैहिंद"
फ़ितरत अपनी अपनी...
फ़ितरत अपनी अपनी...
डॉ.सीमा अग्रवाल
अंजीर बर्फी
अंजीर बर्फी
Ms.Ankit Halke jha
अफसोस-कविता
अफसोस-कविता
Shyam Pandey
मत गुजरा करो शहर की पगडंडियों से बेखौफ
मत गुजरा करो शहर की पगडंडियों से बेखौफ
Damini Narayan Singh
उसकी मोहब्बत का नशा भी कमाल का था.......
उसकी मोहब्बत का नशा भी कमाल का था.......
Ashish shukla
#दोहा-
#दोहा-
*Author प्रणय प्रभात*
मैं खुश हूँ! गौरवान्वित हूँ कि मुझे सच्चाई,अच्छाई और प्रकृति
मैं खुश हूँ! गौरवान्वित हूँ कि मुझे सच्चाई,अच्छाई और प्रकृति
विमला महरिया मौज
विश्वास
विश्वास
Paras Nath Jha
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
Keshav kishor Kumar
Loading...