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2 Jul 2022 · 1 min read

उस पथ पर ले चलो।

उस पथ पर ले चलो,
हे बुद्ध !
तृष्णा मुक्ति मार्ग जहांँ,
शांति करुणा का संसार बसा,
बुद्धम् शरणम् गच्छामि ।
धम्मम् शरणम् गच्छामि ।।
संघम् शरणम् गच्छामि ।।।

उस पथ पर ले चलो ,
हे बुद्ध !
अमल करें पंचशील सदा,
अष्टांगिक मार्ग है जहांँ,
बुद्धम् शरणम् गच्छामि ।
धम्मम् शरणम् गच्छामि ।।
संघम् शरणम् गच्छामि ।।।

उस पथ पर ले चलो ,
हे बुद्ध !
प्रज्ञा शील करुणा से भरा,
मानवता का मार्ग है जहांँ,
बुद्धम् शरणम् गच्छामि ।
धम्मम् शरणम् गच्छामि ।।
संघम् शरणम् गच्छामि ।।।

उस पथ पर ले चलो ,
हे बुद्ध !
स्वर्ग नर्क का भय न जहांँ,
ज्ञान दीप जले बुद्ध का सदा,
बुद्धम् शरणम् गच्छामि ।
धम्मम् शरणम् गच्छामि ।।
संघम् शरणम् गच्छामि ।।।

उस पथ पर ले चलो ,
हे बुद्ध !
बुद्धत्व प्राप्ति हो ध्यान लगा,
निर्वाण का मार्ग मिले जहांँ,
बुद्धम् शरणम् गच्छामि ।
धम्मम् शरणम् गच्छामि ।।
संघम् शरणम् गच्छामि ।।।

रचनाकार
बुद्ध प्रकाश
मौदहा हमीरपुर ।

16 Likes · 4 Comments · 978 Views
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