Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2023 · 1 min read

*ईश्वर को आभार (कुंडलिया)*

ईश्वर को आभार (कुंडलिया)
—–—————————————–
धूप मिली है मुफ्त में, कुदरत का वरदान
नदियों से जल मिल रहा,किए बिना भुगतान
किए बिना भुगतान , फूल फल सब्जी प्यारी
मिली मुफ्त में भूमि , संग पर्वत के सारी
कहते रवि कविराय, डाल पर कली खिली है
ईश्वर को आभार , शीत में धूप मिली है
———————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश , बाजार सर्राफा,
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 999 761 54 51

266 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
कूड़े के ढेर में
कूड़े के ढेर में
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम भरी नफरत
प्रेम भरी नफरत
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
💐अज्ञात के प्रति-104💐
💐अज्ञात के प्रति-104💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अब तो आ जाओ कान्हा
अब तो आ जाओ कान्हा
Paras Nath Jha
*** सफलता की चाह में......! ***
*** सफलता की चाह में......! ***
VEDANTA PATEL
There is nothing wrong with slowness. All around you in natu
There is nothing wrong with slowness. All around you in natu
पूर्वार्थ
चौबीस घन्टे साथ में
चौबीस घन्टे साथ में
Satish Srijan
भय की आहट
भय की आहट
Buddha Prakash
जिस्म से रूह को लेने,
जिस्म से रूह को लेने,
Pramila sultan
Sukun usme kaha jisme teri jism ko paya hai
Sukun usme kaha jisme teri jism ko paya hai
Sakshi Tripathi
बोलते हैं जैसे सारी सृष्टि भगवान चलाते हैं ना वैसे एक पूरा प
बोलते हैं जैसे सारी सृष्टि भगवान चलाते हैं ना वैसे एक पूरा प
Vandna thakur
धन से कब होता जुड़ा ,खुशियों भरा स्वभाव(कुंडलिया)
धन से कब होता जुड़ा ,खुशियों भरा स्वभाव(कुंडलिया)
Ravi Prakash
"सबूत"
Dr. Kishan tandon kranti
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
भ्रात प्रेम का रूप है,
भ्रात प्रेम का रूप है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
यह दुनिया है जनाब
यह दुनिया है जनाब
Naushaba Suriya
2681.*पूर्णिका*
2681.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
Dr. ADITYA BHARTI
नींद आए तो सोना नहीं है
नींद आए तो सोना नहीं है
कवि दीपक बवेजा
हमेशा एक स्त्री उम्र से नहीं
हमेशा एक स्त्री उम्र से नहीं
शेखर सिंह
क्यों प्यार है तुमसे इतना
क्यों प्यार है तुमसे इतना
gurudeenverma198
मैं शायर भी हूँ,
मैं शायर भी हूँ,
Dr. Man Mohan Krishna
रिश्तें - नाते में मानव जिवन
रिश्तें - नाते में मानव जिवन
Anil chobisa
माँ
माँ
श्याम सिंह बिष्ट
आंखें मेरी तो नम हो गई है
आंखें मेरी तो नम हो गई है
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
रात के सितारे
रात के सितारे
Neeraj Agarwal
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी कई मायनों में खास होती है।
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी कई मायनों में खास होती है।
Shashi kala vyas
Kalebs Banjo
Kalebs Banjo
shivanshi2011
जवाब दो हम सवाल देंगे।
जवाब दो हम सवाल देंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...