Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jun 2023 · 1 min read

इंसान की चाहत है, उसे उड़ने के लिए पर मिले

इंसान की चाहत है, उसे उड़ने के लिए पर मिले
और परिंदे सोचते है उन्हें रहने के लिए घर मिले
🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊🥊
चाहत से राहत नही, कैसे करे हम नित योग
लोभ मोह तृष्णां मन से, करवाती नित भोग
सब जगह दर्शन किये,हम करते नित प्रयोग
सिया राम के दर्शन से, मिटा हैं क्षण भर रोग
प्रभु कि भक्ति करने से, अब मिटेगे सारे रोग
श्रेष्ठ कुल मे जन्म हमारा, सनातन धर्म हमारा
लोभ मोह की चाहत से, कोसो दूर है रहना
जीवन सुधरेगा ऐसे,गंगाजल के पानी जैसे
मानव जन्म सुधरेगा, चाहत अच्छी रखना हैं
ऋषि मुनि की वाणी से, मन से रोग मिटाना हैं
क्या ले के आया तू बंदे, साथ तेरे क्या जायेगा
करले भक्ति सिया राम कि, जीवन सफल हो जायेगा
राजा हो या हो भिखारी, मिट्टी मै मिल जायेगा
तेरे तो आगे पीछे केवल, पुण्य हि काम आयेगा
माया तो हैं क्षणिक सुख, फिर इसको कहा लुटायेगा
पल भर मै अपराध करवा दे,फांसी पर चढ़ जायेगा
कलयुगी प्रभाव से मानव, कैसे तू बच पायेगा
शांत मन से चिंतन करने से,जीवन तेरा सुधरेगा
हवन यज्ञ पूजा करने से, कर्म तेरा सुधरेगा

4 Likes · 461 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*ऐनक (बाल कविता)*
*ऐनक (बाल कविता)*
Ravi Prakash
सुभाष चन्द्र बोस
सुभाष चन्द्र बोस
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
"हाथों की लकीरें"
Ekta chitrangini
मसल कर कली को
मसल कर कली को
Pratibha Pandey
चल अंदर
चल अंदर
Satish Srijan
एक ही बात याद रखो अपने जीवन में कि ...
एक ही बात याद रखो अपने जीवन में कि ...
Vinod Patel
और नहीं बस और नहीं, धरती पर हिंसा और नहीं
और नहीं बस और नहीं, धरती पर हिंसा और नहीं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
फनीश्वरनाथ रेणु के जन्म दिवस (4 मार्च) पर विशेष
फनीश्वरनाथ रेणु के जन्म दिवस (4 मार्च) पर विशेष
Paras Nath Jha
समा गये हो तुम रूह में मेरी
समा गये हो तुम रूह में मेरी
Pramila sultan
💐प्रेम कौतुक-155💐
💐प्रेम कौतुक-155💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मीडिया पर व्यंग्य
मीडिया पर व्यंग्य
Mahender Singh
*** लम्हा.....!!! ***
*** लम्हा.....!!! ***
VEDANTA PATEL
शीर्षक – वह दूब सी
शीर्षक – वह दूब सी
Manju sagar
बरसात के दिन
बरसात के दिन
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
क्रेडिट कार्ड
क्रेडिट कार्ड
Sandeep Pande
गीत मौसम का
गीत मौसम का
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी
राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी
लक्ष्मी सिंह
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Shyam Sundar Subramanian
मोहब्बत
मोहब्बत
अखिलेश 'अखिल'
गुमराह नौजवान
गुमराह नौजवान
Shekhar Chandra Mitra
"कुछ पन्नों में तुम हो ये सच है फिर भी।
*Author प्रणय प्रभात*
I hope one day the clouds will be gone, and the bright sun will rise.
I hope one day the clouds will be gone, and the bright sun will rise.
Manisha Manjari
युवा दिवस
युवा दिवस
Tushar Jagawat
द्वारिका गमन
द्वारिका गमन
Rekha Drolia
इधर उधर न देख तू
इधर उधर न देख तू
Shivkumar Bilagrami
15. गिरेबान
15. गिरेबान
Rajeev Dutta
2890.*पूर्णिका*
2890.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हो मापनी, मफ़्हूम, रब्त तब कहो ग़ज़ल।
हो मापनी, मफ़्हूम, रब्त तब कहो ग़ज़ल।
सत्य कुमार प्रेमी
पलकों ने बहुत समझाया पर ये आंख नहीं मानी।
पलकों ने बहुत समझाया पर ये आंख नहीं मानी।
Rj Anand Prajapati
सुनें   सभी   सनातनी
सुनें सभी सनातनी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...