Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jan 2024 · 1 min read

आजकल के परिवारिक माहौल

आजकल के परिवारिक माहौल
आजकल के परिवारिक माहौल, भीतर का इतना खराब हो रखा है। यह संस्कार मिले ना मिले, पर मानसिक व्यवहारिक तनाव जरूर मिलेगा।
माता-पिता में झगड़े-झंझट, बच्चे में चिंता-तनाव। घर में सुख-शांति नहीं, हर तरफ अशांति का माहौल।
बच्चे को माता-पिता से प्यार नहीं मिलता, तो वह खुद को अकेला महसूस करता है। उसे लगता है कि कोई भी उसकी परवाह नहीं करता, और वह मानसिक रूप से परेशान हो जाता है।
बच्चे को देखकर माता-पिता भी परेशान होते हैं, और वे भी मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। इस तरह परिवार में तनाव का एक चक्र चल पड़ता है, और यह चक्र कभी खत्म नहीं होता।
आजकल के परिवारों में, संस्कारों का महत्व नहीं रह गया है। माता-पिता अपने बच्चों को संस्कार नहीं सिखाते, और बच्चे भी उनसे सीखना नहीं चाहते।
इसका परिणाम यह है कि बच्चे मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं, और वे आत्महत्या तक कर लेते हैं। आजकल आत्महत्या के मामलों में इजाफा हो रहा है, और इसका मुख्य कारण है परिवार में तनाव।
आजकल के परिवारों को चाहिए कि वे संस्कारों को महत्व दें, और अपने बच्चों को संस्कार सिखाएं।
इससे बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य का विकास होगा,
और वे मानसिक तनाव से दूर रहेंगे।

122 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जब अपने सामने आते हैं तो
जब अपने सामने आते हैं तो
Harminder Kaur
मजा आता है पीने में
मजा आता है पीने में
Basant Bhagawan Roy
बचपन याद बहुत आता है
बचपन याद बहुत आता है
VINOD CHAUHAN
देखी है हमने हस्तियां कई
देखी है हमने हस्तियां कई
KAJAL NAGAR
"ममतामयी मिनीमाता"
Dr. Kishan tandon kranti
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
Rajesh vyas
आने वाला कल दुनिया में, मुसीबतों का पल होगा
आने वाला कल दुनिया में, मुसीबतों का पल होगा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मैं गहरा दर्द हूँ
मैं गहरा दर्द हूँ
'अशांत' शेखर
#दोहा-
#दोहा-
*Author प्रणय प्रभात*
* कुण्डलिया *
* कुण्डलिया *
surenderpal vaidya
सपने
सपने
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
जो बीत गयी सो बीत गई जीवन मे एक सितारा था
जो बीत गयी सो बीत गई जीवन मे एक सितारा था
Rituraj shivem verma
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*नौका में आता मजा, करिए मधुर-विहार(कुंडलिया)*
*नौका में आता मजा, करिए मधुर-विहार(कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Wo veer purta jo rote nhi
Wo veer purta jo rote nhi
Sakshi Tripathi
प्रभु नृसिंह जी
प्रभु नृसिंह जी
Anil chobisa
★भारतीय किसान★
★भारतीय किसान★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
नफरत दिलों की मिटाने, आती है यह होली
नफरत दिलों की मिटाने, आती है यह होली
gurudeenverma198
Janeu-less writer / Poem by Musafir Baitha
Janeu-less writer / Poem by Musafir Baitha
Dr MusafiR BaithA
*सत्य*
*सत्य*
Shashi kala vyas
अस्मिता
अस्मिता
Shyam Sundar Subramanian
सच्चा मन का मीत वो,
सच्चा मन का मीत वो,
sushil sarna
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की   कोशिश मत करना
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की कोशिश मत करना
Anand.sharma
कभी तो ख्वाब में आ जाओ सूकून बन के....
कभी तो ख्वाब में आ जाओ सूकून बन के....
shabina. Naaz
काग़ज़ ना कोई क़लम,
काग़ज़ ना कोई क़लम,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन्।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन्।
Anand Kumar
5. *संवेदनाएं*
5. *संवेदनाएं*
Dr Shweta sood
जीवन छोटा सा कविता
जीवन छोटा सा कविता
कार्तिक नितिन शर्मा
विषम परिस्थियां
विषम परिस्थियां
Dr fauzia Naseem shad
तुकबन्दी,
तुकबन्दी,
Satish Srijan
Loading...