Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 May 2022 · 1 min read

आखिर तुम खुश क्यों हो

मुद्दा ये नहीं कि
तुम खुश कैसे हो, कृष्ण..

दर्द ये है कि,
आखिर तुम खुश क्यों हो..!!

Language: Hindi
Tag: शेर
2 Likes · 2 Comments · 642 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
Shashi kala vyas
कुछ मुक्तक...
कुछ मुक्तक...
डॉ.सीमा अग्रवाल
कौन गया किसको पता ,
कौन गया किसको पता ,
sushil sarna
जहां आपका सही और सटीक मूल्यांकन न हो वहां  पर आपको उपस्थित ह
जहां आपका सही और सटीक मूल्यांकन न हो वहां पर आपको उपस्थित ह
Rj Anand Prajapati
भीग जाऊं
भीग जाऊं
Dr fauzia Naseem shad
* निशाने आपके *
* निशाने आपके *
surenderpal vaidya
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
खुला आसमान
खुला आसमान
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
सम्मान में किसी के झुकना अपमान नही होता
सम्मान में किसी के झुकना अपमान नही होता
Kumar lalit
जय बोलो मानवता की🙏
जय बोलो मानवता की🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जय श्री राम
जय श्री राम
Neha
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
शुद्धता का नया पाठ / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
"किसान"
Slok maurya "umang"
नदी का किनारा ।
नदी का किनारा ।
Kuldeep mishra (KD)
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
खुदा ने इंसान बनाया
खुदा ने इंसान बनाया
shabina. Naaz
कितने ही गठबंधन बनाओ
कितने ही गठबंधन बनाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कविता
कविता
Neelam Sharma
इश्क
इश्क
SUNIL kumar
सब तेरा है
सब तेरा है
Swami Ganganiya
"सूरत और सीरत"
Dr. Kishan tandon kranti
हम कैसे कहें कुछ तुमसे सनम ..
हम कैसे कहें कुछ तुमसे सनम ..
Sunil Suman
रुसवा हुए हम सदा उसकी गलियों में,
रुसवा हुए हम सदा उसकी गलियों में,
Vaishaligoel
मेरा सोमवार
मेरा सोमवार
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
छुट्टी का इतवार नहीं है (गीत)
छुट्टी का इतवार नहीं है (गीत)
Ravi Prakash
कुछ लोगों का जीवन में रुकना या चले जाना सिर्फ किस्मत तय करती
कुछ लोगों का जीवन में रुकना या चले जाना सिर्फ किस्मत तय करती
पूर्वार्थ
चैन क्यों हो क़रार आने तक
चैन क्यों हो क़रार आने तक
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हश्र का वह मंज़र
हश्र का वह मंज़र
Shekhar Chandra Mitra
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
Swati
■ आई बात समझ में...?
■ आई बात समझ में...?
*प्रणय प्रभात*
Loading...