Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Mar 2024 · 1 min read

आई आंधी ले गई, सबके यहां मचान।

आई आंधी ले गई, सबके यहां मचान।
ढह गए वो मकान भी, जिनमें थे इंसान।।
आंखों से परदा उठा, चला शील वनवास
धूल धुआं सी जिंदगी, सोती चादर तान।।

सूर्यकांत

47 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹
🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹
Dr Shweta sood
वक्त
वक्त
Astuti Kumari
सब्र रख
सब्र रख
VINOD CHAUHAN
जहाँ खुदा है
जहाँ खुदा है
शेखर सिंह
तुम्हीं सुनोगी कोई सुनता नहीं है
तुम्हीं सुनोगी कोई सुनता नहीं है
DrLakshman Jha Parimal
यादों की सुनवाई होगी
यादों की सुनवाई होगी
Shweta Soni
सियासत में आकर।
सियासत में आकर।
Taj Mohammad
*** आकांक्षा : आसमान की उड़ान..! ***
*** आकांक्षा : आसमान की उड़ान..! ***
VEDANTA PATEL
पहुँचाया है चाँद पर, सफ़ल हो गया यान
पहुँचाया है चाँद पर, सफ़ल हो गया यान
Dr Archana Gupta
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
कहीं फूलों के किस्से हैं कहीं काँटों के किस्से हैं
कहीं फूलों के किस्से हैं कहीं काँटों के किस्से हैं
Mahendra Narayan
31 जुलाई और दो सितारे (प्रेमचन्द, रफ़ी पर विशेष)
31 जुलाई और दो सितारे (प्रेमचन्द, रफ़ी पर विशेष)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
लें दे कर इंतज़ार रह गया
लें दे कर इंतज़ार रह गया
Manoj Mahato
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
Sanjay ' शून्य'
चाँद से बातचीत
चाँद से बातचीत
मनोज कर्ण
कब तक यही कहे
कब तक यही कहे
मानक लाल मनु
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Raju Gajbhiye
बाल कविता: बंदर मामा चले सिनेमा
बाल कविता: बंदर मामा चले सिनेमा
Rajesh Kumar Arjun
कर्जा
कर्जा
RAKESH RAKESH
3343.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3343.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
हिन्द की हस्ती को
हिन्द की हस्ती को
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*सर्दी (बाल कविता)*
*सर्दी (बाल कविता)*
Ravi Prakash
डोला कड़वा -
डोला कड़वा -
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
#चलते_चलते
#चलते_चलते
*Author प्रणय प्रभात*
सपने
सपने
Divya kumari
#काहे_ई_बिदाई_होला_बाबूजी_के_घर_से?
#काहे_ई_बिदाई_होला_बाबूजी_के_घर_से?
संजीव शुक्ल 'सचिन'
राम वन गमन हो गया
राम वन गमन हो गया
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
चाहत
चाहत
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
धरती मेरी स्वर्ग
धरती मेरी स्वर्ग
Sandeep Pande
विद्यावाचस्पति Ph.D हिन्दी
विद्यावाचस्पति Ph.D हिन्दी
Mahender Singh
Loading...