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15 Mar 2023 · 1 min read

अवधी दोहा

दिल मा सभे सजाय लो, प्रेम भरा चौपाल।
मोहन होली खेलिहैं, लइकै रंग गुलाल।।

प्रीतम श्रावस्तवी

Language: Hindi
276 Views
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