Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jul 2023 · 1 min read

आज़ाद जयंती

अल्फर्ड पार्क में हो रही थी,
अंग्रेजों से गोलीबारी।
एकल ही डटा रहा शेखर,
चलती गोली बारी बारी।

आजाद को कैद पसन्द न था,
पिस्तौल में थी एक ही गोली।
सो खुद को गोली मार लिया,
जय भारत माँ की कह बोली।

माँ का वह पूत दीवाना था,
आजादी फ़क़त इबादत थी।
चौबिस की उम्र में शेखर की,
निज देश के लिये शहादत थी।

1 Like · 125 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
जो कुछ भी है आज है,
जो कुछ भी है आज है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सिलसिले..वक्त के भी बदल जाएंगे पहले तुम तो बदलो
सिलसिले..वक्त के भी बदल जाएंगे पहले तुम तो बदलो
पूर्वार्थ
पिता का यूं चले जाना,
पिता का यूं चले जाना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
उजले दिन के बाद काली रात आती है
उजले दिन के बाद काली रात आती है
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
शिवाजी गुरु स्वामी समर्थ रामदास – भाग-01
शिवाजी गुरु स्वामी समर्थ रामदास – भाग-01
Sadhavi Sonarkar
*वो जो दिल के पास है*
*वो जो दिल के पास है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
फ़ासले
फ़ासले
Dr fauzia Naseem shad
यह तो हम है जो कि, तारीफ तुम्हारी करते हैं
यह तो हम है जो कि, तारीफ तुम्हारी करते हैं
gurudeenverma198
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कविता माँ काली का गद्यानुवाद
कविता माँ काली का गद्यानुवाद
गुमनाम 'बाबा'
सबक ज़िंदगी पग-पग देती, इसके खेल निराले हैं।
सबक ज़िंदगी पग-पग देती, इसके खेल निराले हैं।
आर.एस. 'प्रीतम'
धुंध छाई उजाला अमर चाहिए।
धुंध छाई उजाला अमर चाहिए।
Rajesh Tiwari
"आशिकी"
Dr. Kishan tandon kranti
एक छोटी सी आश मेरे....!
एक छोटी सी आश मेरे....!
VEDANTA PATEL
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
आ जा उज्ज्वल जीवन-प्रभात।
आ जा उज्ज्वल जीवन-प्रभात।
Anil Mishra Prahari
मुझे उस पार उतर जाने की जल्दी ही कुछ ऐसी थी
मुझे उस पार उतर जाने की जल्दी ही कुछ ऐसी थी
शेखर सिंह
ठुकरा दिया है 'कल' ने आज मुझको
ठुकरा दिया है 'कल' ने आज मुझको
सिद्धार्थ गोरखपुरी
एक उम्र
एक उम्र
Rajeev Dutta
कचनार kachanar
कचनार kachanar
Mohan Pandey
उसे मैं भूल जाऊंगा, ये मैं होने नहीं दूंगा।
उसे मैं भूल जाऊंगा, ये मैं होने नहीं दूंगा।
सत्य कुमार प्रेमी
दिल साफ होना चाहिए,
दिल साफ होना चाहिए,
Jay Dewangan
2547.पूर्णिका
2547.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
" कटु सत्य "
DrLakshman Jha Parimal
नवयौवना
नवयौवना
लक्ष्मी सिंह
राम आधार हैं
राम आधार हैं
Mamta Rani
करती पुकार वसुंधरा.....
करती पुकार वसुंधरा.....
Kavita Chouhan
** बहाना ढूंढता है **
** बहाना ढूंढता है **
surenderpal vaidya
बदजुबान और अहसान-फ़रामोश इंसानों से लाख दर्जा बेहतर हैं बेजुब
बदजुबान और अहसान-फ़रामोश इंसानों से लाख दर्जा बेहतर हैं बेजुब
*प्रणय प्रभात*
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...