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30 Jan 2024 · 1 min read

अपनी समझ और सूझबूझ से,

अपनी समझ और सूझबूझ से,
सीखो तुम, जो सीखना चाहो ।
अपने सकल प्रयास सफल कर,
जीतो तुम, जो जितना चाहो ।।

✍️ आचार्य वृन्दान्त ✍️

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