Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Aug 2023 · 1 min read

*अज्ञानी की कलम*

अज्ञानी की कलम

नैनों नदी सूखत नीर है।
प्रीति दिल गई चीर है।
हृदय ईशअंश कोहूनीर है।
दीवानगी देती पीर है।।
नज़रों में बसी तस्वीर है।
न बुर्जुगों की नज़ीर है।।
देश की दशा गम्भीर है।
गरीबों की तक्द़ीर है।।
बेरोज़गारी पीर पज़ीर है।
सबको मिले समीर है।।
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झांसी उ•प्र•

151 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
So, blessed by you , mom
So, blessed by you , mom
Rajan Sharma
गजल सगीर
गजल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
*हिंदी मेरे देश की जुबान है*
*हिंदी मेरे देश की जुबान है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
धनतेरस
धनतेरस
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
Phool gufran
चुनावी जुमला
चुनावी जुमला
Shekhar Chandra Mitra
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mayank Kumar
गुलाब
गुलाब
Prof Neelam Sangwan
*गठरी धन की फेंक मुसाफिर, चलने की तैयारी है 【हिंदी गजल/गीतिक
*गठरी धन की फेंक मुसाफिर, चलने की तैयारी है 【हिंदी गजल/गीतिक
Ravi Prakash
हरि से मांगो,
हरि से मांगो,
Satish Srijan
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक महीने में शुक्ल पक्ष की
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक महीने में शुक्ल पक्ष की
Shashi kala vyas
कैसा गीत लिखूं
कैसा गीत लिखूं
नवीन जोशी 'नवल'
हे कान्हा
हे कान्हा
Mukesh Kumar Sonkar
कजरी
कजरी
प्रीतम श्रावस्तवी
हिंदी
हिंदी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
दस्तूर ए जिंदगी
दस्तूर ए जिंदगी
AMRESH KUMAR VERMA
वफ़ा
वफ़ा
shabina. Naaz
कलियुगी रिश्ते!
कलियुगी रिश्ते!
Saransh Singh 'Priyam'
मनवा मन की कब सुने,
मनवा मन की कब सुने,
sushil sarna
यह 🤦😥😭दुःखी संसार🌐🌏🌎🗺️
यह 🤦😥😭दुःखी संसार🌐🌏🌎🗺️
डॉ० रोहित कौशिक
जी करता है , बाबा बन जाऊं - व्यंग्य
जी करता है , बाबा बन जाऊं - व्यंग्य
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जल प्रदूषण दुःख की है खबर
जल प्रदूषण दुःख की है खबर
Buddha Prakash
कैसे कहूँ किसको कहूँ
कैसे कहूँ किसको कहूँ
DrLakshman Jha Parimal
■ इन दिनों...
■ इन दिनों...
*Author प्रणय प्रभात*
कुछ पल साथ में आओ हम तुम बिता लें
कुछ पल साथ में आओ हम तुम बिता लें
Pramila sultan
बाक़ी है..!
बाक़ी है..!
Srishty Bansal
दुनियादारी....
दुनियादारी....
Abhijeet
आदमी चिकना घड़ा है...
आदमी चिकना घड़ा है...
डॉ.सीमा अग्रवाल
कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है ।
कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है ।
Dr. Man Mohan Krishna
खेल खिलौने वो बचपन के
खेल खिलौने वो बचपन के
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...