अकेलापन

लोग कहते है अकेलेपन में वीरानापन महसूस होता है !
कमबख्त एक अपना दिल है अकेले में झगड़ता बहुत है !!
!
!
!
डी. के. निवातियाँ

117 Views
You may also like:
नदियों का दर्द
Anamika Singh
आंचल में मां के जिंदगी महफूज होती है
VINOD KUMAR CHAUHAN
नेकी कर इंटरनेट पर डाल
हरीश सुवासिया
माँ की महिमाँ
Dr. Alpa H.
साल गिरह
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
वो काली रात...!
मनोज कर्ण
भ्राजक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
चेहरा तुम्हारा।
Taj Mohammad
पिता एक सूरज
डॉ. शिव लहरी
"मैं तुम्हारा रहा"
Lohit Tamta
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
I Have No Desire To Be Found At Any Cost
Manisha Manjari
【11】 *!* टिक टिक टिक चले घड़ी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
उस रब का शुक्र🙏
Anjana Jain
जिंदगी ये नहीं जिंदगी से वो थी
Abhishek Upadhyay
अब सुप्त पड़ी मन की मुरली, यह जीवन मध्य फँसा...
संजीव शुक्ल 'सचिन'
जब बेटा पिता पे सवाल उठाता हैं
Nitu Sah
मौन की पीड़ा
Saraswati Bajpai
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
💐 देह दलन 💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मुक्तक: युद्ध को विराम दो.!
Prabhudayal Raniwal
वह खूब रोए।
Taj Mohammad
गर हमको पता होता।
Taj Mohammad
उम्मीद से भरा
Dr.sima
बस करो अब मत तड़फाओ ना
Krishan Singh
जागीर
सूर्यकांत द्विवेदी
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
सम्भव कैसे मेल सखी...?
पंकज परिंदा
कभी सोचा ना था मैंने मोहब्बत में ये मंजर भी...
Krishan Singh
"एक नज़्म लिख रहा हूँ"
Lohit Tamta
Loading...