साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
Posts 17
Total Views 113
लेखन शौक शब्द की मणिका पिरो छंद, यति गति अलंकारित भावों से उदभित रसना का माधुर्य भाव मेरा परिचय है-

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

बह ए मुतदारिक़ मुसम्मन सालिम —जन्मदायिनी माँ

मित्रों माँ जन्मदायिनी है लाल के सुख और दुख को समान भाव से [...]

भूले माँ का प्यार

परदेशी सुत हो गये , भूले माँ का प्यार । हाथ जोड़ विनती करे , [...]

सारसी छ्न्द- [ ==मातृ दिवस

--मातृ दिवस पर माँ को समर्पित भावभीनी अश्रुपूर्ण [...]

माँ

बिनु माँ के सूनी धरा, सूना है संसार । ममता माता से सिखो, कहे [...]

सारसी छ्न्द- [१६+११=२७]

सारसी छ्न्द- [१६+११=२७] सारसी छ्न्द चौपाई [मात्रभार १६] और [...]

माँ

माँ में समाहित संसार है । माँ की ममता अपार है । जब जब माँ ने [...]

हाइकु

बिकने लगे कल्पित समुंदर भावनाओं में =============== सीखो [...]

घर आँगन में फूल खिले हैं ।

16/16 घर आँगन में फूल खिले हैं । गुलशन में गुल नूर मिले हैं [...]

जमानत

जमानत १२२ १२२ १२२ १२ मुहब्बत इनायत शराफ़त लिखूँ । इजाज़त [...]

भारतीय संस्कृति का अनुपम पर्व= रक्षाबन्धन

भारतीय संस्कृति का अनुपम पर्व= रक्षाबन्धन रक्षाबन्धन [...]

उन्हें बसाया दिल में

धरा अपनी कभी सोना, कभी चाँदी उगलती थी / गजनबी लंग जाफ़र के [...]

यथार्त व्यंग—उल्लू का मन जीत लिया

यथार्त व्यंग ========= मात्रभार /१६-१४ देख जमाने की आदत को , राज [...]

ओछी राजनीति

ओछी राजनीति ================= राजनीति राज्य सरकार जनता का [...]

पत्नी का पति के नाम खत— मंहगाई

पत्नी का पति के नाम खत--- मंहगाई ========================================= बड़ी मंहगाई [...]

दिले घन श्याम लिक्खा है

मापनी : 1222 1222 1222 1222 काफ़िया : आम रदीफ़ : लिक्खा है =================================== कहे [...]

तोहरी नगरिया

भोजपरी -------------- बड़ी नीक लागे बालम तोहरी नगरिया / सुबह-शाम कोयल [...]

बुझदिल पड़ोसी

बड़ा बुझदिल पड़ोसी है नहीं सम्मान जो जाने/ कायर की तरह भौके [...]