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Author: मधुसूदन गौतम

मधुसूदन गौतम
Posts 60
Total Views 1,020
मै कविता गीत कहानी मुक्तक आदि लिखता हूँ। पर मुझे सेटल्ड नियमो से अलग हटकर जाने की आदत है। वर्तमान में राजस्थान सरकार के आधीन संचालित विद्यालय में व्याख्याता पद पर कार्यरत हूँ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

माँ एसी भी होती है।

** मातृ दिवस पर *** मेरी कलम घिसाई +++++++++++++++++++++++ माँ तुम कहाँ [...]

कोटेशन

इज्जत बेचकर सब कुछ पाया जा सकता है। परन्तु सब कुछ बेचकर [...]

न हो सकी

बेबहर गजल ********************************* भले ही हमसे खिदमत नवाजिश न हो [...]

तू भी…. मै भी….

मजदूर दिवस पर कुछ कलम घिसाई मैंने भी कर दी आज। +++++++++++++++++++++++ 🌷मै [...]

बीती बाते रहने दे

बीती बाते रहने दे। कुछ भीगी पलके रहने दे। वक्त गया जो [...]

डमरू घनाक्षरी

***डमरू घनाक्षरी**** (*इसमें सभी वर्ण मात्रा रहित होते है*) सकल [...]

गजल 2122 2122 212 पर

मतला रात से है मोगरा महका हुआ । गंध से लगता सनम बहका [...]

अहसास नाजुक सा

खुबसुरत अहसास* ** जाना तो चाहता हूँ मै भी। कब रुकना चाहता [...]

काश्मीर पर मिश्रित गीत

मिश्रित गीतिका +16 व 12 पर यति तुकांत पदांत+ (धुन विशेष में [...]

विमला छंद

*विमला छन्द* (सगण+मगण+नगण+लघु+गुरु, ११ वर्ण, ४ चरण, दो-दो चरण [...]

विमला छंद

*विमला छन्द* (सगण+मगण+नगण+लघु+गुरु, ११ वर्ण, ४ चरण, दो-दो चरण [...]

क्या फायदा?

क्या फायदा बहर-212 212 212 212 ++++++++++++++++++++++++ धुन ++ तुम मगर साथ देने का वादा [...]

धीरे देश चला रे पगले

धीरे देश चला रे पगले देश मेरा यह बच्चा है। जल्दी बाज़ी मत कर [...]

हाडौती में लेख

एक दन एक कलम घसीटो मल ग्यो। अब मूं ठहरयो मास्टर तो मन देखता ही [...]

तीन मुक्तक रामनवमी पर

जय श्री राम जय श्री राम के नारे तो लोमहर्ष हुए। लेकिन उसी [...]

अभी अभी तो जन्मा हूँ

अभी तो मै जन्मा हूँ,कुछ दिन मौज मनाने दो। अभी करो नही बड़ा,कुछ [...]

सखी

बात हुई तुमसे री सखी। सारी बाते ही तुम्हे लिखी। पर देखो [...]

टूट जाएगा

कलम घिसाई गजल की शक्ल में। आधारित गाना~ बहारो फूल बरसाओ [...]

मेरा राजस्थान

राजस्थान दिवस पर मेरी कलम घिसाई ******************************** अपने राजस्थान [...]

प्रतिपदा प्रपंच

अकडूमल एवं झगडूमल आज सुबह नाई की दुकान पर मिले। अभिवादन हुआ। [...]

के लिए

गजल की शक्ल में कलम घिसाई 212 212 212 212 कौन डरता यहाँ निज कफन के [...]

एक व्यंग्य आज की शिक्षा

दो दोस्त मोतीलाल एवं धोती लाल आपस में बातें कर रहे थे। यार [...]

चार मुक्तक

मै तुमको जीने की कला एकसिखलाता हूँ। अकिंचन हो जाने की राह [...]

कुछ

कुछ रंग दर्द में डूबे है। कुछ दर्द निमग्न है रंगो में। कुछ [...]

होली संजू बिन

उसको कितना था प्यार इस होली के त्यौहार से। उठते ही जो सुबह [...]

जब से फागुन आया है।

जब से फागुन आया है कौन कौन बौराया है। जबसे यह फागुन आया [...]

मंत्रमुग्ध(एक श्रृंगार कविता)

* यात्रा में * मन्त्र मुग्ध सा मन मेरा अवलोकित उसको करता [...]

कोचिंग कोटा के विद्यार्थियों के मन से

* विद्यार्थी व्यथा * *******हाडौती में गीत******* अरी एरी बता, कद [...]

परदेश में नियम

परदेश में जाते हो तो इतना तो ध्यान लाना। रोकूँ न तुमे पलभर [...]

ले जाओ घर से

2122 212 1 22 जितने चाहे पैसे ले जाओ घर से। उड़ने मत दो परिंदों को पर [...]