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Author: मधुसूदन गौतम

मधुसूदन गौतम
Posts 41
Total Views 584
मुझे नियमो में बंधना नही भाता ।वो बात अलग है मैं नियमो से लिखता हूँ भी।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

नव वर्ष प्रतिपदा

अकडूमल एवं झगडूमल आज सुबह नाई की दुकान पर मिले। अभिवादन हुआ। [...]

के लिए

गजल की शक्ल में कलम घिसाई 212 212 212 212 कौन डरता यहाँ निज कफन के [...]

एक व्यंग्य आज की शिक्षा

दो दोस्त मोतीलाल एवं धोती लाल आपस में बातें कर रहे थे। यार [...]

चार मुक्तक

मै तुमको जीने की कला एकसिखलाता हूँ। अकिंचन हो जाने की राह [...]

कुछ

कुछ रंग दर्द में डूबे है। कुछ दर्द निमग्न है रंगो में। कुछ [...]

होली संजू बिन

उसको कितना था प्यार इस होली के त्यौहार से। उठते ही जो सुबह [...]

जब से फागुन आया है।

जब से फागुन आया है कौन कौन बौराया है। जबसे यह फागुन आया [...]

मंत्रमुग्ध(एक श्रृंगार कविता)

* यात्रा में * मन्त्र मुग्ध सा मन मेरा अवलोकित उसको करता [...]

कोचिंग कोटा के विद्यार्थियों के मन से

* विद्यार्थी व्यथा * *******हाडौती में गीत******* अरी एरी बता, कद [...]

परदेश में नियम

परदेश में जाते हो तो इतना तो ध्यान लाना। रोकूँ न तुमे पलभर [...]

ले जाओ घर से

2122 212 1 22 जितने चाहे पैसे ले जाओ घर से। उड़ने मत दो परिंदों को पर [...]

चाय बनाई तो बनाई

मैने चाय बनाई तो बनाई। नही बनाई तो नही बनाई। तुम्हारे पैसे [...]

गीत

* आखिर मिलना क्या है ?* इनका जीना मरना क्या है ? इनसे आखिर [...]

वेलेंटाइन पर गजल

लो सुनो अब हाल दिल क्या हो गया। इश्क का ही भूत सारा हो गया।* [...]

निशाने आ गया

 वज़्न - 2122 2122 212 आज में तुमको बताने आ गया। दिल मिरा तेरे निशाने [...]

गीत ज्ञान बिचारा तड़प रहा

30 मात्रिक छंद ज्ञान बिचारा तड़प रहा था बरसों पकड़ किताबो [...]

मैं गीत प्रेम के गाऊँगा

साथी मुझको ताने ना दो, गीत खुशी के गाने ना दो। क्यों ?पीडा [...]

शारदे वन्दना

वन्दनाएं/ प्रार्थना/धार्मिक ÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ चरणों में [...]

देह कम्पित यूँ हुई मधुमास से

गण रहित 20 मात्रिक छंद ÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ देह कम्पित यूँ हुई [...]

गांधी बापू

*रघुपति राघव राजाराम* ********************* आदरणीय महात्मा गाँधी [...]

अभिव्यक्ति की आज़ादी

*त्वरित कलम घिसाई* तुम्हे फ़िल्म बनाना आता है। हमे हाथ चलाना [...]

ग़ज़ल/गीत

22 22 22 22 वाचिक मापनी आधारित काम करूँ तो काम न आये। राम जपूँ तो [...]

रोटी बनाना बन्द कर

2122 2122 212 अब सनम रोटी बनाना बन्द कर। या भामिनी रोटी बनाना बन्द [...]

मुक्तक

जिस मिट्टी में जन्म लिया उस पर सम्मान नही होता। गैरों को [...]

तोतो को रटा दिया

त्वरित कलम घिसाई *********************** कुछ तोतो को रटा दिया सबसे बड़ा एक [...]

गणतन्त्र पर कलम घिसाई

कलम घिसाई गणतन्त्र पर ************************ गणतन्त्र कहूँ जनतन्त्र [...]

गणतन्त्र

मेरी कुछ वर्ष पूर्व की कलम घिसाई ************************ गणतन्त्र कहूँ [...]

मधुशाला छंद में हास्य हल्का सा

एक कोशिश मधुशाला छंद पर 16 व् 14 पर यति अंत 2 गुरु [...]

शुभ प्रभात

🍁 *जय श्री कृष्ण*🍁 काम और आराम दिन और रात की तरह है। वक्त के [...]

साहित्य सार

साहित्य सागर अपार है।इसके दो रूप मुख्यत नजर आते है। एक लिखित [...]