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Author: कृष्ण मलिक अम्बाला

कृष्ण मलिक अम्बाला
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Total Views 7,415
कृष्ण मलिक अम्बाला हरियाणा एवं कवि एवं शायर एवं भावी लेखक आनंदित एवं जागृत करने में प्रयासरत | 14 वर्ष की उम्र से ही लेखन का कार्य शुरू कर दिया | बचपन में हिंदी की अध्यापिका के ये कहने पर कि तुम भी कवि बन सकते हो , कविताओं के मैदान में कूद गये | अब तक आनन्द रस एवं जन जागृति की लगभग 200 रचनाएँ रच डाली हैं | पेशे से अध्यापक एवं ऑटोमोबाइल इंजिनियर हैं |

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

शिक्षा में सुधार हेतु योजनाओं पर नहीं अपितु वास्तविकता पर ध्यान दें

आज और पन्द्रह से बीस वर्ष पहले के समय पर ध्यान दें तो शिक्षा [...]

धर्म के रखवालों से करनी एक गुजारिश है ।

धर्म के रखवालों से करनी एक गुजारिश है । सभी धर्मों का करें वो [...]

तलाक की नौबत न आने दीजिये

तलाक लफ्ज ही है दर्दनाक बस इतना जान लीजिए विनती है दुनिया [...]

एक अपील 500 के नोट वाले हर नागरिक से

एक अपील देश के नागरिकों से एक अपील खुद को दिल के साफ बताने [...]

अब तो छोड़ ओ मुसाफिर , हाय पैसे का जंजाल

अब तो छोड़ ओ मुसाफिर हाय पैसे का जंजाल पल भर में मिटटी हो [...]

कुछ यूँ मनाओ तुम इस बार दीवाली

बाहर रौशनी तो सभी करते हैं, जिसने है भीतर जोत जगा ली । उसी को [...]

आज की बेटी कल की नारी

छू रही ऊंचाइयों को आज की बेटी कल की नारी तेजी और जिंदादिली [...]

ऐसे चमकेगा विश्व में भारत का नाम

भारत और दूसरे देशों के मित्रों के बीच एक मीटिंग हुई । चर्चा [...]

किताबों सी नहीं होती जिंदगी , असल का अलग ही अंदाज़

कल्पना में जीकर क्या करेंगे सपनों का टूटना है दुखों की [...]

ओ मंजिल के मुसाफिर

एक मित्र को जन्म दिन पर प्रोत्साहित करती एक रचना । आप भी अपने [...]

ढूंढ रहा है हर अध्यापक ,अपना वो अस्तित्व आजकल

अब कहाँ रह गए गुरु जी वाले किस्से कहाँ रह गयी आदर सम्मान की [...]

हिम्मत जुटा कर दो टूक शब्द लिख रहा हूँ

हिम्मत जुटा कर दो टूक शब्द लिख रहा हूँ बेहरूपियों के समाज [...]

बचा सको तो बचा लो तुम प्रकृति की काया

😢 लिखने को हुई जो कलम तैयार तुम भी करना जरा सोच विचार करते हो [...]

लाडले देवर की प्यारी भाभी

*आनंद रस में गोता लगाकर पूरी मस्ती में ताज़ी तैयार कविता का [...]

ओ मेरे भारत—

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 भारत माता से कुछ पूछती [...]

जाग युवा भारत के अब तो , ले आ वापिस देश की शान को

हो गयी गलतियां तुझसे अतीत में बेशक, अब तो सम्भल जा वक्त है [...]

सफर ये जो सुहाना है ।

सफ़र ये जो सुहाना है होनी अनहोनी तो एक बहाना है डूबते को तूने [...]

ऐसा अपना टीचर हो

मेरी बाल्यकाल की एक रचना , पुरानी भावनाये ताजा होने पर आपसे [...]

वाह ! मेरा देश किधर जा रहा है ।

वाह ! मेरा देश किधर जा रहा है । आदमी की चादर है आधी , पैर दुगुने [...]

सिन्दूर की महिमा

हर शादी शुदा बहन को समर्पित नारी शक्ति हर पल कर रही [...]

जन्माष्टमी का पैगाम

प्रेम की एक अलग परिभाषा के लिए हर प्रेमी की जुबाँ पर आता है [...]

दर्पण की तरह सुनने का हुनर

अर्ज किया है -- हम दर्पण की तरह सुनने का हुनर रखते हैं बशर्ते [...]

कलम की उड़ान

कलम की उड़ान , कर रही आह्वान आवाज को जन जन तक पहुंचाना है [...]

करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में

करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में सोचते हैं शुरुआत कहाँ से [...]

ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की

अर्ज किया है ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की ठानी है [...]

तन्हाईयों का सूरज

मेरी तन्हाईयो का सूरज कभी चढ़ता तो कभी डूबा जाता है क्योंकि [...]

अनुभव की माला

जो कर्म को आईना बना कर आगे बढ़ते हैं उनकी तस्वीर बहुत चमकदार [...]

“क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा “

वैज्ञानिक रस में डूब कर आधुनिक उन्नति खूब कर वह (प्रकृति) का [...]

आंसुओं की सूई लेकर

अर्ज किया है- कई दाग लिए जीता हूँ । घूँट दर्द के पीता हूँ [...]

*वक्त है बेटी सम्भल जा अभी भी *

*वक्त है बेटी सम्भल जा अभी भी * दिल का महकमा कुछ कह रहा है [...]