*Thinking power,really, builds your Karma*

Thinking,
Depends on luxurious knowledge,
With pure heart,
And depiction of it,
Possible when,
We serve people,
With thousand hands,
Relentlessly,
By body,mind,money,
But all three come,
Only when,
And assimilate,
The path of Karma,
Karma, only,will achieve victory?
When, it must be benedictory,
And ready for altar,
Agility,be maintained,
In this scenario,
It all, depend on,
Mammoth thinking power,
So,pursue it,
With light and gradually,
Inception.

©Abhishek Parashar 💐💐💐💐

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