Posts Tag: कव्वाली 36 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Mahesh Ojha 21 Jun 2022 · 2 min read लूं राम या रहीम का नाम लूं राम या रहीम का मैं नाम हूँ हैरां…… किसने मुझे बनाया है किसका मैं हूं निशां अदा करुं नमाज़ या करूँ मैं प्रार्थना …… किस नाम से पुकारूँ है... Hindi · कविता · कव्वाली · ग़ज़ल/गीतिका · शेर 2 3 876 Share Phoolchandra Rajak 8 Dec 2021 · 1 min read ऐसी राजनीति करने! ऐसी राजनीति करने से क्या फायदा--क्या फायदा। हमको मालूम ना था ,कि तुम इतने नीचे गिर जायोगे। पैसे को ही भगवान बना जायोगे। ऐसी राजनीति करने से क्या फायदा, क्या... Hindi · कव्वाली 2 2 361 Share Md Kalim 5 Nov 2021 · 38 min read नौहा, कलीम यूसुफपुरी 1 शिम्रे लईन बनके शैतान जा रहा है सर काटने को शह का, हैवान जा रहा है हट जा यज़ीदी लश्कर, हाथों में लेके ख़ंजर मैदाँ में बन के अकबर... Hindi · कव्वाली 5 4 9k Share Mahesh Ojha 26 Aug 2021 · 1 min read तुझसे प्यार करना गुनाह क्यूँ हुआ ग़र महकना फूलों का अदा है जनाब , उसपे मेरा बहकना गुनाह क्यूँ हुआ । चहचहाना जो होती पंछी की अदा, उसपे मेरा चहकना गुनाह क्यूँ हुआ॥ ग़र महकना ...... Hindi · कव्वाली 4 2 883 Share DR. DINESH GUPTA - AANANDSHREE 3 Aug 2021 · 1 min read आसमान खुद को खोया फिर पाया मैने तुम को। जब था मैं तो वह नही अब दोनों गुम शुदा है। उड़ते है आसमान में बिन पँखो के। – आनंदश्री Hindi · कव्वाली 541 Share दीपक झा रुद्रा 8 Jun 2021 · 2 min read मैं हूं मोहब्बत के साजिशों से तुड़वाया मैं गया हूं। अपनो के अक्लियत से झुकवाया मैं गया हूं। मेरा खुमार है ये इल्म– ए–सुखन न कहना। मेरा है हिमाकत ये इसको कलम... Hindi · कव्वाली 4 6 432 Share Rahul Prasad 23 May 2021 · 3 min read हे इंसान अब तो तू संभल जा हे इंसान अब तो तू संभल जा क्या लगी तुझे बीमारी? क्यूँ लगी तुझे बीमारी! जिसके कारण तू ऐसे चहकता है, उसे ही क्यूँ देता गाली l कर ले.. कर... Hindi · कव्वाली 1 801 Share Phoolchandra Rajak 25 Mar 2021 · 1 min read ऐसे पढ़ने से----------++ ऐसे पढ़ने-पढ़ाने से क्या फायदा। जीवन में कुछ बदल न सका। अपना चरित्र निर्माण कर न सका। जो बना रहा लकीर के फकीर।ऐसी डिग्री लेने से क्या फायदा। ऐसे पढ़ने... Hindi · कव्वाली 3 415 Share Phoolchandra Rajak 27 Feb 2021 · 1 min read बचके रहना मुनिया बचके रहना मुनिया जमाना खराब है । बचके। ।।।।। अब कौन कहां ठगले।पग पग पर है यहां कंटीले। इन्सान के रूप में हर जगह खिले हैं। अमृत छोड़ पीते शराब... Hindi · कव्वाली 1 807 Share Phoolchandra Rajak 13 Feb 2021 · 1 min read मिट जायेगी सारी गम। मिट जाएगी तेरी वह सारी गम। यहां पर तो हम खुशियां मनाने आए हैं। हर एक कली को महकाने आये हैं।जीवन से करता रहे सितम । मिट जाएगी तेरी बो... Hindi · कव्वाली 3 6 465 Share Phoolchandra Rajak 10 Feb 2021 · 1 min read आपकी नजर में मैं इंसान नहीं हूं आपकी नजर में। आपकी नजर में। आम से कभी घास हूं कभी अमीर कभी गरीब दास हूं। कभी मानव बना कभी दानव बना आप की खबर... Hindi · कव्वाली 2 3 364 Share सुखविंद्र सिंह मनसीरत 30 Dec 2020 · 1 min read मैं वापिस चला ****मैं वापिस चला ****** ********************** मैं तो हूँ यहाँ से वापिस चला जहाँ से आया मैं वापिस चला तेरा इंतजार ताउम्र करता रहा थक हार कर मैं वापिस चला कीमत... Hindi · कव्वाली 2 1 414 Share सुखविंद्र सिंह मनसीरत 11 Sep 2020 · 1 min read किसानों पर लाठीचार्ज ***** किसानों पर लाठीचार्ज ****** ***************************** धरने पर बैठे थे बेचारे मजबूर किसान मांगे सरकार से मनवाने को किसान धरनास्थल पर था शान्तिपूर्वक धरना आवाज सियासत तक पहुंचाने किसान कृषक... Hindi · कव्वाली 2 348 Share रीतू सिंह 21 Jul 2020 · 1 min read "हमें तो नाज हे भारत के उन दुलारो पे " हमें तो नाज हे भारत के उन दुलारो पे -2 वतन के कोम के इज्जत के पहरेदारों पे। जिन्होंने देश को बक्शी नहीं जवानी थी -2 उन्होंने देश को दी... Hindi · कव्वाली 7 12 873 Share Anis Shah 7 Jul 2020 · 1 min read खुशनसीबी हमारी तो देखो ग़ज़ल (वज़्न - 2122 1221 22. 2122 1221 22) खुशनसीबी हमारी तो देखो हम बुजुर्गों से क्या ले रहे हैं। उनका साया है सर पर हमारे ठंडी ठंडी हवा ले... Hindi · कव्वाली 2 487 Share आर एस आघात 6 Mar 2020 · 1 min read क़दम क्यूँ ठहर जाते हैं... क़दम क्यूँ ठहर जाते है... गली से जब वो गुज़रते हैं...क़दम क्यूँ ठहर...2 डर में जब सहमे रहते थे... वो हमसे इश्क़ कर बैठे...डर में जब सहमे रहते थे...2 हमारी... Hindi · कव्वाली 5 1 443 Share Dijendra kurrey 1 Aug 2019 · 1 min read इन्तजार इन्तजार ******************* तुम आए तो खुशी आ गई , प्यार की खुशबू महका गई। जिस पल का इंतजार हुआ, ओ बेहद करीब आ गई । नज़र में फसी तू दीदार... Hindi · कव्वाली 2 1 626 Share Anuj Tiwari 23 Jul 2019 · 1 min read कव्वाली :- मेरे मुहम्मद की नजर कव्वाली :- मेरे मुहम्मद की नज़र अनुज तिवारी "इंदवार" ये नज़र है मुहम्मद साब की ! ये नज़र है मेरे आफ़ताब की ! जो मक्का में है मदीना में है... Hindi · कव्वाली 2 791 Share Harinarayan Tanha 9 Mar 2019 · 1 min read ये जो मोहब्बत है मेरी जा का दर्द है लाइलाज बीमारी है दिल का मर्ज है ये जो मोहब्बत है मेरी जॉ का दर्द है मैंने सोचा था कि मोहब्बत के दम पर महबूबा खरीदै लूंगा में मेरी हैसियत... Hindi · कव्वाली 487 Share कवि कृष्णा बेदर्दी 💔 14 Jan 2019 · 1 min read तन्हाई तन्हाइयों का जाम पीता हूँ सुबह शाम, गम के नशे झूमता जिन्दगी है गुमनाम, महफ़िल है मेरे दर्द की जख्म है मेहमान, टूटे दिलों की दास्तां गाता हूँ सारे आम,... Hindi · कव्वाली 470 Share डॉ. रजनी अग्रवाल 'वाग्देवी रत्ना' 21 Jun 2018 · 1 min read कविता "कर्मठ परिंदे" *********** (1)मेरे उपवन की डाली पर खग ने नीड़ बनाया था, तिनका-तिनका जुटा-जुटाकर दृढ़ विश्वास दिखाया था। साँझ-सवेरे संयम रखके दाना चुनकर लाता था, बैठ नीड़ में बच्चों... Hindi · कव्वाली 2 530 Share Sarita Pandey 25 May 2018 · 1 min read खानाबदोश कोई बात नही खुशी ना सही, गम को ही हम तो दामन में समेट लिया करते है। आसमां गर ना दे पनाह हमको, हम तो है "खानाबदोश" किसी के भी... Hindi · कव्वाली 2 1 558 Share Sarita Pandey 25 Apr 2018 · 1 min read फकीर की दुआ कुछ पाना है गर तुझको तो, पाने की ख्वाहिश को जिंंदा रख। जो आग लगी है सीने मेंं, उस आग को कयामत तक जिंंदा रख। तूफांं तो कई आयेगेंं मगर,... Hindi · कव्वाली 1 1k Share Tarun Singh Pawar 9 Apr 2018 · 1 min read दोस्ती कौन कहता है मेरे पास नहीं हैं पैसे, मेरी दौलत तो हैं ये दोस्त नगीने जैसे।।1।। मुझे हर बार मुसीबत से निकला करते, मैं गिर जाऊँ तो मुझको हैं सम्हाला... Hindi · कव्वाली 2 619 Share विवेक दुबे "निश्चल" 30 Jul 2017 · 1 min read पढ़ना लिखना छोड़ दिया मैंने --पढ़ना लिखना छोड़ा मैंने--- ___________________________ हाँ पढ़ना लिखना छोड़ दिया मैंने पढ़ें लिखों को पीछे छोड़ दिया मैंने बहुत कुछ सीख लिया मैंने बहुत पढ़ा था मेरा भाई, बहना ने... Hindi · कव्वाली 926 Share DrRaghunath Mishr 8 May 2017 · 1 min read मुक्त छन्द रचना -कालजयी बन जाएँ कालजयी बन जाओ: एक यथार्थ परक मुक्त छन्द कविता-समीक्षार्थ: अभी -अभी स्वानुभव पर आधारित, विशिष्टतया नकारात्मक सोच वालों के नाम पाती. विमर्श के लिए" 000 प्रतिक्रिया से बचने का डर... Hindi · कव्वाली 501 Share Anuj yadav 28 Mar 2017 · 1 min read पढ़े चलो पढ़े चलो पढ़े चलो पढ़े चलो आगे तुम बढ़े चलो अंधकार की छाया से उजियारे की ओर चलो पढ़ना है अति आवश्यक े इसके बिना नहीं कुछ आवत हिंसा का रास्ता त्याग... Hindi · कव्वाली 1 763 Share Govind Kurmi 26 Mar 2017 · 1 min read हम तड़पते रहे यूँ चुराके नजर वो गये जब मुकर वो तो हंसते रहे, हम तड़पते रहे ????????? आंखें ये नम हुई सांसे भी कम हुई पर तेरी याद में हम सुलगते रहे... Hindi · कव्वाली 1 675 Share Govind Kurmi 22 Mar 2017 · 1 min read भारतीय फौज ???????????????????? आम नहीं इनकी जिंदगी, मौका है हक अता करने का किस्मत वालों को मिलता, मौका ये वतन पे मिटने का ?????????? ???????????????????? अमृत का लालच ना इन्हें, इनको बस... Hindi · कव्वाली 1k Share कृष्णकांत गुर्जर 7 Feb 2017 · 1 min read जान मिल गई तू मिली यू मुझे जैसे जान मिल गई| मरते हुये को इक जिंदगी मिल गई|| तू ही जीवन मेरा तू ही जान है मेरी, आज गेरो मे अपना सा कोई... Hindi · कव्वाली 11 634 Share Shoaib Ashk 26 Jan 2017 · 1 min read अब तक मेरी निगाहों में आया नही कोई अब तक मेरी निगाहों में आया नही कोई आका हैं जैसे आज भी वैसा नही कोई मिसले नबी तो दुनिया में कोई न है न होगा यह शाने लताफत है ... Hindi · कव्वाली 1 458 Share भूरचन्द जयपाल 18 Jan 2017 · 1 min read ***** कव्वाली ****** ? जीना हुआ दुस्वार यारां मौत भी ना आयी । जीना बडा है मुश्किल-2 मरना भी है ना आसां । बर्बाद-ए-जिंदगी करके तुमने किया किनारा । जीना हुआ है मुश्किल-2... Hindi · कव्वाली 1 552 Share शिवदत्त श्रोत्रिय 4 Aug 2016 · 1 min read अगर भगवान तुम हमको, कही लड़की बना देते अगर भगवान तुम हमको, कही लड़की बना देते जहाँ वालों को हम अपने, इशारो पर नचा देते|| पहनते पाव मे सेंडल, लगाते आँख मे काजल बनाते राहगीरो को, नज़र के... Hindi · कव्वाली 1 2 798 Share Dinesh Sharma 29 Jul 2016 · 1 min read तेरा इंतजार जो देखा था तेरे इंतजार में टूटता पत्ता उस पेड़ से जो सुख गया था बरसात के इंतजार में माली बेखबर सो गया तपती धुप में प्यासा तेरे पानी के... Hindi · कव्वाली 1 2 514 Share shuchi bhavi 25 Jul 2016 · 1 min read पलाश का साधुत्व ऐ पलाश! मैंने देखा है तुम्हें फूलते हुए, देखा है मैंने- तुम्हारी कोंप-कोंप से प्रस्फुटित होते- यौवन को.. मैंने देखा है, तुम्हें वर्ष भर फाल्गुन की बाँट जोहते... पर,नहीं देखा... Hindi · कव्वाली 1 4 1k Share Anuj Tiwari 14 Jun 2016 · 1 min read कव्वाली :-- तेरी दीवानगी की हद सरहद पार ले आई !! कव्वाली :– तेरी दीवानगी की हद अनुज तिवारी “इन्दवार” एक तरफ बहता है दरिया एक तरफ है गहरी खाई !-५ नहीं मिलती यहाँ राहत , यहाँ मसहूर है चाहत ,... Hindi · कव्वाली 3 1 1k Share