Bindesh kumar jha 3 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Bindesh kumar jha 20 Nov 2024 · 1 min read गूंगा ज़माना बोल रहा है, गूंगा ज़माना बोल रहा है, मैं बहरा सुन रहा हूँ। अंधा रास्ता दिखा रहा है, लेकिन मैं मृत बन रहा हूँ। यह रात नहीं है, इन बंद आँखों से कह... Quote Writer 154 Share Bindesh kumar jha 16 Nov 2024 · 1 min read मैंने देखा है मैंने देखा है आसमान से टूटते तारों को, तू अकेला नहीं है, जो हार गया हो। मैंने देखा है हारते हुए सिर्फ एक को नहीं, हजारों को। वह योद्धा नहीं... Quote Writer 151 Share Bindesh kumar jha 14 Nov 2024 · 1 min read आत्म विश्लेषण आत्म विश्लेषण आसमान से पूछी गहराई, सोये समुद्र से उसकी लंबाई। तारों से उनकी गिनती, सूरज से उसकी परछाई। मिला जवाब तब मुझे, जब मैंने अपनी चेतना जगाई। बिंदेश कुमार... Quote Writer 144 Share