Santosh kumar Miri Tag: ग़ज़ल 5 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Santosh kumar Miri 24 May 2025 · 1 min read बेखबर *बेखबर* (गजल) यूं न थी रुसवाई फिर क्यों बेखबर हो रही हो तुम धीरे धीरे अब बेअसर हो रही हो। तुम्हारी दर्दनाक बेवफाई का आगाज हो रही है! जिसे तुम... Hindi · ग़ज़ल 73 Share Santosh kumar Miri 24 May 2025 · 1 min read मै तेरे तरकश की तीर *मैं तेरी तरकश की तीर* मै तेरे तरकश की तीर न जाने कितनो को घायल किया है सनम। मेरे बगैर तुमने प्रत्यंचा खींच न सकी फिर भी कितनो को पागल... Hindi · ग़ज़ल 85 Share Santosh kumar Miri 23 Feb 2025 · 1 min read गजल गजल हम तेरे नजरों से कभी घायल हुए ओ मेरे सितम है दुनिया से कहते फिर रहे हम मिले भी तो क्या मिले 2 वही दूरियां वही फासले हुए हो... Hindi · ग़ज़ल 102 Share Santosh kumar Miri 22 Jul 2024 · 1 min read बेवफा सनम *गजल* *बेवफा सनम* तेरी लबों की लाली ने बताया एक दिल है जो दूसरे दिल को सताया तरस आता है तुझ पर भरोसा नहीं है मुझ पर टूटती इमारत की... Hindi · ग़ज़ल 307 Share Santosh kumar Miri 22 Jul 2024 · 1 min read गजल गजल हम तेरे नजरों से कभी घायल हुए ओ मेरे सितम है दुनिया से कहते फिर रहे हम मिले भी तो क्या मिले 2 वही दूरियां वही फासले हुए हो... Hindi · ग़ज़ल 172 Share