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8 Apr 2017 · 1 min read

आ जाओ .............आ जाओ |गीत| “मनोज कुमार”

आ जाओ आ जाओ आ जाओ
आ जाओ सनम तुम आ जाओ
हमको तो तुमसे तुम्हीं से है प्यार
छोड़ के ना जाओ तुम आ जाओ
आ जाओ ………………………………..आ जाओ

वो मस्ती के दिन वो बहारों की रात
क्या तुम गये भूल वो बाँहों का हार
कभी तुम मिले थे गिरा के किताब
झुकी थी सब जुल्फें दो नैनो के साथ
बीत गये बरसों अब तो आ जाओ
किस्से वो कहानी फिर सुना जाओ
आ जाओ ………………………………..आ जाओ

तोड़ चली धीरे – धीरे सब कसमें
प्यार वाली बातें भूली – भूली सपनें
किस्से दिल लगा बैठे थे प्यार झूठा
खुद को भी भुलाया भूल दुनिया बैठा
हाथ में फिर से तुम हाथ दे जाओ
कंगनों की खनक फिर सुना जाओ
आ जाओ ………………………………..आ जाओ

पहले भी हमने तुमसे वादे भी किये
छोडूंगी ना साथ जियूँ तेरे लिये
तुमसे वफ़ा की है दिल तेरे लिये
तुमसे दुनिया प्यार जान तेरे लिये
आँचल की तुम छाँव सोने आ जाओ
झुमको की सरगम फिर से सुन जाओ

“मनोज कुमार”

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