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5 Apr 2017 · 1 min read

रामनवमी

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रामनवमी

राम नाम तू रट ले बंदे
मिट जायेगे सारे फंदे
मानव तन ना मिले दुवारा
क्यों तू फिरता मारा मारा
राह नेक पर चलते जाओ
जग में अपना मान बढ़ाओ
माया संग न काया जाये
काहे इन से मोह लगाये
बूँद बूँद से सागर बनता
हर सीढ़ी पर मिले सफलता
मेहनत का फल मिल जायेगा
खून पसीना रंग लायेगा
मिले सफलता मत इतराना
अपनों को फिर नही भुलाना
जग में आज बुराई कितनी
सागर में गहराई जितनी
मत गहराई दिल की नापो
उठ कर देखो नींद से जागो
मन पे छाया घोर अँधेरा
जाने कब निकलेगा सवे,रा

संगीता। शर्मा
5/4/2017

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