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3 Apr 2017 · 1 min read

नादांन

???एक मुक्तक.
नादांन????

सनम रूठो न हमसे यू.
सुनो दिल टूट जायेगा
न छोडो हाथ तुम मेरा.
अजी संग छूट जायेगा.
बहुत नादांन है देखो.
नही पहचान दुनियाँ की.
मनाते है जिसे जितना.
वही फिर रूठ जाता है .
???
संगीता शर्मा
???6/3/2017

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