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28 Mar 2017 · 1 min read

दीवाने दिल की दास्तां

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यूं ही ना लगाना दिल कहीं दोस्तों,
इश्क की कदर लोग कहां करते हैं,
भूला देते हैं लोग फसाना समझ कर
और हम जैसे दीवाने आहें भरते हैं ॥

?प्रमोद रघुवंशी?
दिनांक -18-07-2016

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