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24 Mar 2017 · 1 min read

मुझे फिर सताने

मुझे कर इशारे लुभाने लगे है
निगाहों से अपने बुलाने लगे हैं
बहाने बना कर मुझे फिर सताने
सजन जी मेरे पास आने लगे हैं

– ‘अश्क़’

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