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22 Mar 2017 · 1 min read

जगाने आया हूँ

न कोई हंगामा न कोई बवाल करने आया हूँ
बिगड़े हुए हालातो से आगाह करने आया हूँ
सोये हुए है आजादी के दीवाने कई बरसो से
गहरी नींद से फिर उनको जगाने आया हूँ !!
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जागो देश के वीरो, हिन्द को बताने आया हूँ
निष्ठुर पड़े ह्रदय से मैं जमीर जगाने आया हूँ
कही जकड़े न जाओ अपनों की ही जंजीरो में
घर के ही गद्दारो से मैं तुमको बचाने आया हूँ !!
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बदल रही है तस्वीर तुम्हारी, देश बदल रहा है
जलती शमां की बाहों में परवाना मचल रहा है
मुमकिन है फना हो जाये हम भी और तुम भी
परिवर्तन के दौर में जीने का चलन बदल रहा है !!
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नये दौर की नई कहानी तुमको बतलाने आया हूँ
तुम ही हो कर्णधार नवयुग के समझाने आया हूँ
बहक न जाना सपनो में धरातल दिखाने आया हूँ
तुमको आज तुम्हारी ताकत से मिलाने आया हूँ !!
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रफ़्तार बहुत है दुनिया की पहचान कराने आया हूँ
संभल के उठाना कदम, गिंरने से बचाने आया हूँ
उड़ना सीखो आकाशो में आखेटक से बचके रहना
कर न ले कोई शिकार नजरो को दिखाने आया हूँ !!
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डी के निवातिया

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