Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
20 Mar 2017 · 1 min read

** तूफ़ान से पहले शान्ति ***

तूफ़ान से पहले शांति होती है
तूफ़ान के बाद भी शांति होती है
फर्क सिर्फ इतना सा है मन में दबी
इच्छाऐं बाहर आने को आकुल होती है
हम उन्हें दबाने की कौशिश करते है और
वे और ज्यादा बलवती होकर तूफ़ान का रूप
ले लेती है और हम उन पर अपना नियंत्रण खो
देते हैं और वो हम पर पूर्णतः हावी हो जाती है
तूफ़ान के बाद की शांति ही वास्तविक
शांति होती है क्योकि तब हम अपने आप को पूर्णतः
निरीह प्राणी मानते हुए उस परम् सत्ता के प्रति अपने आप को समर्पित कर देते है क्योंकि तब हम
शक्तिहीन हो जाते है और हमें अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास नही रह जाता ।
जीवन में आने वाले तूफानों से हमे घबराना नहीं है क्योंकि तूफ़ान के बाद की शांति वास्तविक
शान्ति होती है ।
चाहे प्रत्यक्ष जीवन में आनेवाला तूफ़ान हो
या फिर ह्रदय में आने वाला तूफ़ान हो ।
तूफ़ान के बाद की शांति ही वास्तविक शांति
होती है ।
? मधुप बैरागी

Loading...