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20 Mar 2017 · 1 min read

क्षणिका :-- दिल में तू.......।।

क्षणिका :–

दिल में तू बसी है ,
होठों पर हँसी है
क्या तू तड़पायेगी सदा ।
आँखों में तेरा चहरा ,
पलकें देती पहरा
कहीँ हो न जाए तू जुदा ॥

अनुज तिवारी “इंदवार”

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