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19 Mar 2017 · 1 min read

फूल-सम हर हाल पर/ प्रीति हिंदुस्तान बन

(1)
फूल-सम हर हाल पर
………………………
द्वंदमय जग-डाल पर,
ज्ञान-कंटक ख्याल कर |
फूलिए सुबोधी बन|
फूल-सम हर हाल पर |

(2)
प्रीति हिंदुस्तान बन
……………………..
देश का सम्मान बन |
नहिं कुभ्रम-गुमान बन|
जागरण सुबोध पकड़|
प्रीति-हिंदुस्तान बन |

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

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