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18 Mar 2017 · 1 min read

दुर्मिल सवैया :-- भाग -10

हिय में अपने प्रभु नाम भजो ।
मनमोहन सोहन श्याम भजो ।

भज धन्य धरा मथुरा नगरी ।
प्रभु जन्म लिए हर धाम भजो ।

वशुदेव भजो भज देवकि को ।
हल धारक हैं बलराम भजो ।

सत सत्य स्वरूप सुहावन है ।
पुरुषोत्तम हैं प्रभु राम भजो ।

अनुज तिवारी “इंदवार “

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