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15 Mar 2017 · 1 min read

परिंदा

अभी दिन है तो,रात भी जरूर आयेगी ।
चाँद तारों से, मुलाक़ात भी हो जाएगी ।
फिर आसमानी चादर का वहम टूटेगा ।
परिंदा फिर अपने घर वापस लौटेगा ।

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