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13 Mar 2017 · 1 min read

जले होलिका नफरत की …

अबकी बार इस होली में
चले प्रेम की पिचकारी,
राधा के गहरे रंग से
रंग दें दुनिया सारी।

जले होलिका नफरत की
मिटे आपस की दूरी,
वृन्दावन हो मन सबका
छलके खुशियों की गगरी।

फागुन के मधुर गीतों से
थिरके जन-मन की नगरी,
बढ़े मान व शान देश का
हसरते हों सबकी पूरी।

आपसबों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

डॉ. विवेक कुमार
तेली पाड़ा मार्ग, दुमका-814 101
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित।

Language: Hindi
499 Views
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