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11 Mar 2017 · 1 min read

मुक्तक

आज भी तेरे हैं तलबगार हम!
हुस्न की बाँहों में गिरफ्तार हम!
खौफ नहीं है हमको अंजाम का,
हर जख्म़ के लिए हैं तैयार हम!

मुक्तककार- #महादेव’

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