Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
10 Mar 2017 · 1 min read

** कौन जाने **

हुस्नवालों की चाहत क्या ,कौन जाने

कब आ जाये कयामत कौन जाने१

गुस्से में क्यों है गुलबदन गुलाब क्या जाने

चेहरा है लाल गुलफ़ाम हालत कौन जाने२

मुहब्बत-ए-शौक रखते हैं दिल से

कब आ जाये कयामत कौन जाने ।३

जमाना मानता है गुनहगार आशिकों को

हुस्न बेपर्दा करने की इजाजत कौन जाने४

जिस्म से ज्यादा जहन में छाले पड़े मेरे

किसने पढ़ा है प्रेम का ख़त कौन जाने ५

चिराग-ए-प्रेम जलता है जलने दो

आंधियो की फ़ितरत कौन जाने ६

चली थी आंधियां धूलधूसरित किया था मौसम

कहां से आन बरसे बादल आदत कौन जाने ७

मुहब्बत कर गुनाह ना कर ओ ज़ालिम

तड़पाएगा कब तक आदत कौन जाने ८

नफ़ासत से क़दम रखते मेरे दिल केआँगन में

चलते है नज़ाकत से उनकी फ़ितरत कौन जाने

क्यों ढाये जाते हो जमानेभर के मुझपे जुल्म

अब दौलत-ए-मुहबत शरारत कौन जाने १०

क्यों करता है मुहब्बत ऐ ‘ मधुप’

कब आ जाये कयामत कौन जाने११

?मधुप बैरागी

Loading...