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3 Mar 2017 · 1 min read

~~बता यह किस ने दी ?? ~~

तुझ को रब ने आवाज सुंदर दी
उस ने तुझ को काया भी सुंदर दी
कोई कमी नहीं छोड़ी तुझ को तराशने में
फिर तेरे दिल में ये गंदी भावना किस ने दी ??

जब देखो सवार रहता है तेरा मन
घोड़े की तरह दौड़ने को तीवरता से
कुछ अच्छा कभी सोचता ही नहीं
फिर बुरा करने की नसीहत किस ने दी ??

जिस के पास शरीर में हर चीज हो
वो फिर भी न उस से संतुष्ट हो
बगलें झांकता रहता है तू इधर उधर
यह बुरी सोच जुह को बता किस ने दी ??

अपनी हर बात दबा के रखता है,
दुसरे की हर चीज पर रखता नजर है
कोई तुझ से क्या मांगने आ रहा है,
ऐसी बदनीयत होने की दुआ किस से ली ??

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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