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28 Feb 2017 · 1 min read

जिन्दगी

???? बहर मुक्त.
मुक्तक????
????जिन्दगी.
?????

जब खुद से हारा तो.
जीवन से डरता है.
जब सामने मौत दिखी.
जीने को तरसता है.
जिन्दगी का मोल कभी.
तू समझ न पायेगा.
न संग चले कुछ भी.
क्यू मोह में फसता है.

संगीता शर्मा.
28/2/2017

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