Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
27 Feb 2017 · 1 min read

प्रथम स्पर्श

आसमान के तले
जब हम चाँद संग चले
ख़्वाबो सा था वो शमाँ
जब तेरी आँखों के
स्पर्श में मुझे छुआ
हाय मैं सिहर गई
छुई मुई सी सिमट गई।।

जब बाते करते करते
अपनी अदाओं से
मेरे दिल को जब किया
प्रथम स्पर्श
हाय ,
होगई मैं अबोध बालक सी
और बस तुम्हे तकती रही
और तुम बच्चो से मासूम
अपनी ही धुन में बोलते रहे।
साथ चलते चलते
जब पहली बार
तुमने मेरे हाँथों को
अपने हाँथों में ले किया
इज़हारे इश्क़
कैसे लिखू उस प्रथम स्पर्श को
कैसे लिख लूँ

Loading...