Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
26 Feb 2017 · 1 min read

** मुझे जुकाम था **

* मेरी आँखों से लगातार
आँसू बहे जा रहे थे
मै अपने आँसू पोंछता
पोंछता थक गया था
मै जार जार रो रहा था
न जाने मुझे क्या हो रहा था
मै आँसुओ का बोझ ढो रहा था उम्मीद थी
कोई आ के मेरे आँसू पोंछे
मगर कोई
आँसू पोंछने वाला नहीं था
मेरी हालत पे मुझे तरस आ रहा था
डर से कोई मेरे पास नहीं आ रहा था
आँख के साथ साथ
नाक भी मेरा बह रहा था
क्योंकि
मुझे बडा तेज जुकाम था ।। ?मधुप बैरागी

Loading...