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26 Feb 2017 · 1 min read

लगे सभी कुर्सी कब्जाने

यहाँ चली है बहस गधों पर
कब्रिस्तानों, श्मशानों पर
साइकिल- हाथी चिह्नों पर
उत्तर-प्रत्युत्तर के चलते
प्रजातंत्र के अजब नमूने
सभी चले हैं सत्ता छूने

अच्छे दिन भी रहे कुंआरे
जुगाडुओं के बारे न्यारे
बिना गये बैंक के द्वारे
कालेधन को शुभ्र बनाते
बद-नियति के ताने बाने
सभी चले हैं सत्ता पाने ।

हस्त रेख पंजे की रूठी
साइकिल की ताने टूटी
गज देव की किस्मत फूटी
मिले कमल कहीं बौराते
सब अपने को कहें स्याने
सभी चले कुर्सी कब्जाने

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